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  1. खाने की चीजों से लेकर प्राकृतिक गैस तक… सबकी कीमतें गिरीं, नवंबर में कैसी रही थोक महंगाई दर?

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खाने की चीजों से लेकर प्राकृतिक गैस तक… सबकी कीमतें गिरीं, नवंबर में कैसी रही थोक महंगाई दर?

Upstox

2 min read | अपडेटेड December 15, 2025, 14:03 IST

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सारांश

खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बुनियादी धातुओं के उत्पादन और बिजली आदि की कीमतों में कमी इसकी मुख्य वजह रही। डब्ल्यूपीआई के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.16% रही, जबकि अक्टूबर में यह 8.31% थी।

थोक महंगाई दर

नवंबर में कैसी रही थोक महंगाई दर?

देश की थोक मुद्रास्फीति नवंबर में शून्य से नीचे 0.32% रही। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index, WPI) आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में शून्य से नीचे 1.21% और नवंबर 2024 में 2.16% रही थी। उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा कि खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बुनियादी धातुओं के उत्पादन और बिजली आदि की कीमतों में कमी इसकी मुख्य वजह रही। डब्ल्यूपीआई के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.16% रही, जबकि अक्टूबर में यह 8.31% थी। सब्जियों की महंगाई दर 20.23% रही जो अक्टूबर में 34.97% थी। दालों की कीमतों में नवंबर में 15.21% की कमी आई जबकि आलू और प्याज की कीमतें क्रम से 36.14% और 64.70% घटीं।

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विनिर्मित उत्पादों के मामले में नवंबर में मुद्रास्फीति घटकर 1.33% हो गई, जबकि अक्टूबर में यह 1.54% थी। ईंधन और बिजली की कीमतों की महंगाई दर 2.27% रही, जो अक्टूबर में 2.55% थी। पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण नवंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index, CPI) में मामूली वृद्धि हुई और यह रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25% से बढ़कर 0.71% हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) खुदरा मुद्रास्फीति पर नजर रखता है। केंद्रीय बैंक ने इस महीने की शुरुआत में नीतिगत दर रेपो को 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का अनुमान पिछले सप्ताह 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया था। भारत ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2% और अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर्ज की थी।

भारत में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआईआईटी) हर महीने की 14 तारीख को (या अगर 14 तारीख को छुट्टी का दिन हो तो अगले वर्किंग डे पर) मासिक आधार पर जारी करता है। यह सूचकांक संदर्भ महीने से दो सप्ताह के अंतराल पर जारी किया जाता है और संस्थागत स्रोतों और देश भर की चुनिंदा विनिर्माण इकाइयों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किया जाता है। डब्ल्यूपीआई के अस्थायी आंकड़े संदर्भ माह से 10 सप्ताह बाद अंतिम रूप दिए जाते हैं और उसके बाद स्थिर कर दिए जाते हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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