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5 min read | अपडेटेड August 19, 2025, 10:04 IST
सारांश
Trump-Zelenskyy Meet Highlights: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले लगभग तीन सालों से जंग चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप की इस पहल से दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो सकता है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के तरीके खोजना था। यहां हमने इस बैठक की मुख्य बातें बताई है।

Trump-Zelenskyy Meet: इस समय पूरी दुनिया की नजर रूस, अमेरिका और यूक्रेन पर है।
उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप की इस पहल से दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो सकता है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के तरीके खोजना था। यहां हमने इस बैठक की मुख्य बातें बताई है।
ट्रंप ने मीटिंग में कहा कि सीजफायर की जरूरत नहीं है, जबकि यूरोपीय नेता और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि बिना युद्धविराम के आगे की बातचीत मुश्किल है। यूक्रेन लंबे समय से कह रहा है कि शांति वार्ता शुरू करने से पहले युद्धविराम होना चाहिए। जेलेंस्की ने इस बार सीजफायर को दोहराने से बचा।
ट्रंप ने बैठक के दौरान जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं को छोड़कर पुतिन को 40 मिनट का फोन किया। क्रेमलिन ने इसे "खुली और सकारात्मक" बातचीत बताया। पुतिन के सलाहकार ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत का वो समर्थन करते हैं।
जर्मन चांसलर मर्ज ने कहा कि ट्रंप और पुतिन ने सहमति जताई है कि दो हफ्तों में जेलेंस्की और पुतिन की मुलाकात होगी। अब बातचीत का मुख्य फोकस होगा – यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी। ट्रंप और जेलेंस्की ने यूक्रेन के नक्शे पर कब्जे वाले इलाकों पर लंबी चर्चा की। लेकिन NATO प्रमुख ने साफ किया कि सीमा बदलने की बात इस बैठक में नहीं हुई। यह फैसला आगे की सीधी बातचीत (यूक्रेन-रूस-ट्रंप) पर छोड़ा गया है।
इस साल ओवल ऑफिस में ट्रंप और जेलेंस्की की यह दूसरी मुलाकात थी। इस मुलाकात का माहौल फरवरी में हुई उनकी मुलाकात से बिल्कुल अलग था। बता दें कि पिछली बार तनावपूर्ण बातचीत के बाद जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर निकाल दिया गया था।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस बार दोस्ताना लहजा अपनाया। उन्होंने बैठक के शुरुआती मिनटों में बार-बार आभार व्यक्त किया। पिछली मुलाकात में जेलेंस्की को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही उनके पहनावा भी विवाद का विषय बन गया था।
इस बार जेलेंस्की गहरे रंग के सूट में नजर आए और जब उनसे उनके पहनावे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जैसा कि आप देख रहे हैं, मैं बदल गया हूं।" उनके इस जवाब पर कमरे में मौजूद अधिकारियों और प्रेस में ठहाके गूंज उठे।
यूरोप के कई नेताओं ने ट्रंप की तारीफ की और कहा कि उन्होंने सभी को एक साथ लाकर बातचीत आगे बढ़ाने में मदद की है। NATO प्रमुख मार्क रुटे और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि अब रूस का रुख कुछ बदलता हुआ लग रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी कि यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी यूरोप की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें अमेरिका से सहयोग की उम्मीद है। उन्हें सैनिक, हथियार, खुफिया जानकारी, और ट्रेनिंग चाहिए, ताकि वह रूस का मुकाबला कर सके। हथियारों की सप्लाई जरूरी है, लेकिन अमेरिकी सैनिक भेजना रूस को और बड़ा संदेश देगा। हालांकि, सैनिक भेजने से सीधे अमेरिका-रूस टकराव का खतरा है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को सुरक्षा देगा, लेकिन उन्होंने सैनिक भेजने पर कोई साफ वादा नहीं किया। उन्होंने यूरोप को "पहली सुरक्षा लाइन" बताया और कहा कि अमेरिका उनका साथ देगा। ट्रंप ने दावा किया कि हाल ही में अलास्का में उनकी पुतिन से मुलाकात में इस विषय पर चर्चा हुई थी।
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