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4 min read | अपडेटेड June 29, 2026, 16:56 IST
सारांश
दिल्ली कैबिनेट ने प्रदूषण से निपटने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 को मंजूरी दे दी है। यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी। इसके तहत दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो और 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का ही रजिस्ट्रेशन होगा।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को दी मंजूरी। | Image: Shutterstock
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने और क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार को राजधानी की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 को अपनी हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह नई पॉलिसी इसी महीने की 1 जुलाई से पूरी तरह से लागू होने जा रही है। इस नीति का मुख्य मकसद दिल्ली को 31 मार्च 2030 तक पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है। दिल्ली में होने वाले कुल वायु प्रदूषण में लगभग 23 पर्सेंट हिस्सेदारी गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की होती है।
दिल्ली सरकार की इस नई पॉलिसी के तहत आने वाले समय में पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद पुराने ढर्रे पर चल रहे पेट्रोल और सीएनजी वाले नए ऑटो का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। इसी तरह, दोपहिया गाड़ियों के सेगमेंट में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली में 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। इस तारीख के बाद दिल्ली में सिर्फ और सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा।
लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने बंपर खरीद इंसेंटिव और सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस पॉलिसी के तहत अगर आप दिल्ली में कोई भी नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 30 लाख रुपये या उससे कम है, तो आपको रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पर पूरे 100 पर्सेंट की छूट मिलेगी। यानी आपको कोई रोड टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले लोगों को पहले साल में 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। दूसरे साल में यह सब्सिडी घटकर 20,000 रुपये और तीसरे साल में 10,000 रुपये रह जाएगी।
इसी तरह, जो लोग इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदेंगे, उन्हें भी सरकार की तरफ से बढ़िया आर्थिक मदद मिलेगी। ई-थ्री-व्हीलर खरीदारों को पहले साल में 50,000 रुपये, दूसरे साल में 40,000 रुपये और तीसरे साल में 30,000 रुपये का इंसेंटिव मिलेगा। कमर्शियल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एन1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को खरीदने पर सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये तक का खरीद इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके अलावा, पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए भी एक बड़ा एलान किया गया है। अगर कोई व्यक्ति अपनी बीएस-4 या उससे नीचे के स्टैंडर्ड वाली चार पहिया गाड़ी को स्क्रैप यानी कबाड़ में देकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे 1 लाख रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।
सरकार ने इस नीति में पूरी तरह साफ कर दिया है कि हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं दी जाएगी। सरकार का पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ पूरी तरह से बिजली से चलने वाले वाहनों पर ही रहेगा। इस पूरी पॉलिसी के सही इंप्लीमेंटेशन और सब्सिडी की प्रोसेस को आसान बनाने के लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस पोर्टल की मदद से आवेदक सब्सिडी और इंसेंटिव के लिए घर बैठे आसानी से अप्लाई कर सकेंगे। इसके साथ ही, सरकार दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर्स की संख्या को भी बहुत तेजी से बढ़ाने जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस नई पॉलिसी के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने और गाड़ियों के प्रदूषण को कम करने के लिए अगले चार साल के दौरान लगभग 15,000 करोड़ रुपये का भारी इनवेस्टमेंट किया जाएगा। यह नई पॉलिसी दिल्ली की साल 2020 में आई पहली ईवी पॉलिसी की नींव पर बनाई गई है, जिसका तीन साल का समय अगस्त 2023 में पूरा हो गया था और तब से उसे आगे बढ़ाया जा रहा था।
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