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  1. ईरान-इजरायल विवाद से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप, 8% तक उछले कच्चे तेल के दाम

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ईरान-इजरायल विवाद से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप, 8% तक उछले कच्चे तेल के दाम

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 02, 2026, 08:59 IST

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सारांश

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) की कीमतों में 8 परसेंट से ज्यादा की तेजी आई है। सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका से एनर्जी मार्केट में बड़ी हलचल मची है।

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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई और कीमतों को प्रभावित किया है।

आज को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और सैन्य हमलों ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए जवाबी हमलों ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। सोमवार को ऑयल फ्यूचर्स में 8 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 72.52 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा, जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 79.04 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

ओपेक प्लस का उत्पादन बढ़ाने का फैसला

बढ़ते तनाव के बीच ओपेक प्लस (OPEC+) समूह के आठ देशों ने रविवार को कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने का ऐलान किया है। सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान जैसे देशों ने अप्रैल में उत्पादन में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह बढ़ोतरी एनालिस्ट्स की उम्मीद से कहीं ज्यादा है। हालांकि, युद्ध की खबरों के बीच इस फैसले का कीमतों पर फिलहाल कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराता खतरा

एनर्जी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों पर होने वाले हमलों ने तेल निर्यात की क्षमता को सीमित कर दिया है। दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 20 पर्सेंट हिस्सा यानी रोजाना 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। यह सऊदी अरब, कुवैत और इराक जैसे देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रूट है। ईरान ने पहले भी सैन्य अभ्यास के नाम पर इसे बंद किया था, और अब फिर से यहां किसी भी तरह की रुकावट ग्लोबल मार्केट में तेल की भारी किल्लत पैदा कर सकती है।

बाजार में अनिश्चितता का असर सिर्फ तेल पर ही नहीं, बल्कि धातुओं पर भी पड़ा है। गोल्ड फ्यूचर्स में आज 2.3 पर्सेंट की तेजी देखी गई, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं। साल 2025 में 64 पर्सेंट की भारी बढ़त के बाद अब सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रही हैं। सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और अमेरिका में मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी की उम्मीद ने भी बुलियन मार्केट को सपोर्ट दिया है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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