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3 min read | अपडेटेड February 23, 2026, 20:23 IST
सारांश
Bharti Airtel ने बताया कि आने वाले कुछ वर्षों में Airtel Money Limited में ₹20000 करोड़ की पूंजी डाली जाएगी। इसमें से 70% हिस्सा Bharti Airtel खुद डालेगी, जबकि बाकी 30% निवेश प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Bharti Enterprises Limited के जरिए किया जाएगा।

Bharti Airtel: पिछले दो सालों में एयरटेल ने एक हाई-परफॉर्मेंस डिजिटल क्रेडिट इंजन तैयार किया है।
टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharti Airtel ने अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) को लेकर बड़ा ऐलान किया है। एयरटेल ने कहा है कि अपनी NBFC यूनिट Airtel Money Limited को और बड़ा बनाएगी, ताकि लोगों को लोन आसानी से मिल सके। इसके तहत कंपनी बड़े निवेश की तैयारी कर रही है।
Bharti Airtel ने बताया कि आने वाले कुछ वर्षों में Airtel Money Limited में ₹20000 करोड़ की पूंजी डाली जाएगी। इसमें से 70% हिस्सा Bharti Airtel खुद डालेगी, जबकि बाकी 30% निवेश प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Bharti Enterprises Limited के जरिए किया जाएगा।
एयरटेल का कहना है कि उसके पास मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा और एनालिटिक्स सिस्टम, और 500 से ज्यादा डेटा साइंटिस्ट्स की टीम है। इन्हीं ताकतों के दम पर कंपनी पूरे भारत में सरल, सुरक्षित और इनोवेटिव डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज को तेजी से बढ़ाना चाहती है।
पिछले दो सालों में एयरटेल ने एक हाई-परफॉर्मेंस डिजिटल क्रेडिट इंजन तैयार किया है, जो उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म और गहराई से जुड़े चैनलों पर आधारित है। इसके चलते एयरटेल का लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) मॉडल देश के सबसे मजबूत मॉडलों में गिना जाने लगा है।
इस प्लेटफॉर्म के जरिये अब तक ₹9,000 करोड़ से ज्यादा का लोन डिस्बर्समेंट किया जा चुका है। कंपनी का दावा है कि इसमें डिफॉल्ट की दर कम, अंडरराइटिंग मॉडल मजबूत, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट अनुशासित और रियल-टाइम रिस्क मॉनिटरिंग बेहतरीन रही है।
एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन Gopal Vittal ने कहा कि पिछले दो सालों में LSP प्लेटफॉर्म की सफलता यह साबित करती है कि एयरटेल टेक्नोलॉजी, डेटा और कस्टमर ट्रस्ट को एक साथ जोड़कर नेशनल लेवल पर बड़ा असर पैदा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत के सबसे भरोसेमंद और स्केलेबल डिजिटल क्रेडिट इंजनों में से एक बनाया है, जो लाखों लोगों तक क्वालिटी लोन पहुंचा रहा है। NBFC का विस्तार इसी मजबूत नींव को और आगे बढ़ाता है।
एयरटेल मनी को Reserve Bank of India से 13 फरवरी 2026 को NBFC लाइसेंस मिला है। यह विस्तार भारत के तेजी से बढ़ते फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में एयरटेल की बड़ी रणनीति को दिखाता है।
कंपनी ने यह भी बताया कि भारत में फॉर्मल क्रेडिट-टू-GDP रेशियो सिर्फ 53% है, जैसा कि Care Edge Ratings के आंकड़ों से पता चलता है। इससे साफ है कि देश में लोन और फाइनेंसिंग के लिए अभी बहुत बड़ा अवसर मौजूद है।
एयरटेल का कहना है कि NBFC का यह कदम उसकी मौजूदा कस्टमर बेस का फायदा उठाकर कंपनी के लिए नया ग्रोथ इंजन बनेगा और उसके बिजनेस को और ज्यादा डायवर्सिफाइड करेगा।
NBFC का लोन डिस्बर्समेंट सफर एयरटेल के मौजूदा LSP प्लेटफॉर्म से जुड़ा रहेगा, लेकिन दोनों के बीच ऑपरेशनल तौर पर साफ अलगाव रखा जाएगा। इसका मकसद ग्राहकों को बेस्ट-इन-क्लास अनुभव देना है। टेक्नोलॉजी, डेटा और कस्टमर समझ को बड़े पैमाने पर जोड़कर एयरटेल भारत में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज का नया बेंचमार्क बनाना चाहती है।
इसके साथ ही कंपनी ने RBI के निर्देश पर एक डिस्क्लेमर भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि Airtel Money Limited के पास RBI द्वारा 13/02/2026 को जारी वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट है, लेकिन RBI कंपनी की वित्तीय स्थिति, उसके बयानों की सही-गलत, या जमा राशि की वापसी और देनदारियों की कोई गारंटी नहीं देता।
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