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  1. ब्लिंकिट के बाद जेप्टो, स्विगी और फ्लिपकार्ट ने भी झाड़ा 10 मिनट में डिलीवरी की ब्रांडिंग से पल्ला

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ब्लिंकिट के बाद जेप्टो, स्विगी और फ्लिपकार्ट ने भी झाड़ा 10 मिनट में डिलीवरी की ब्रांडिंग से पल्ला

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 13:50 IST

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सारांश

इस समय देश में इटर्नल कंपनी का ब्लिंकिट, स्विगी का इंस्टामार्ट, जेप्टो, जियोमार्ट, बिगबास्केट, अमेजन नाउ और फ्लिपकार्ट मिनट्स के रूप में सात क्विक कॉमर्स कंपनियां सक्रिय हैं। 10 मिनट डिलीवरी ब्रांडिंग को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है।

गिग वर्कर्स

ब्लिंकिट के बाद जेप्टो, स्विगी, फ्लिपकार्ट ने भी 10 मिनट में डिलीवरी की ब्रांडिंग हटाई

ब्लिंकिट के बाद अब जेप्टो, स्विगी, फ्लिपकार्ट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों ने भी 10 मिनट में डिलीवरी की ब्रांडिंग हटाने का फैसला ले लिया है। जेप्टो, स्विगी, फ्लिपकार्ट ने 14 जनवरी को यह फैसला लिया। दरअसल सरकार की सख्ती के बाद इन क्विक कॉमर्स कंपनियों ने यह फैसला लिया है। अखिल भारतीय व्यापारी संघ (Confederation of All India Traders, CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने इस फैसले को मानवीय और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला डिलीवरी कर्मियों के जीवन और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। खंडेलवाल ने आगे कहा कि यह कदम गिग वर्कर्स की सुरक्षा और गरिमा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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यह कदम कुछ मिनटों में सामान पहुंचाने की जल्दबाजी से डिलीवरी करने वालों की सुरक्षा और कल्याण को पैदा होने वाले जोखिम से जुड़ी सरकार और श्रमिक अधिकार ग्रुपों की चिंताओं के बाद उठाया गया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह हितधारकों के साथ हुई एक बैठक में क्विक कॉमर्स कंपनियों से डिलीवरी साझेदारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा था। मांडविया ने सुझाव दिया था कि सामान को जल्द पहुंचाने की सख्त समय-सीमा, खासकर 10 मिनट में डिलीवरी जैसी प्रतिबद्धताएं हटाई जानी चाहिए। सरकार के इस निर्देश के बाद ब्लिंकिट ने मंगलवार को 10 मिनट में आपूर्ति की सेवा संबंधी वादे को अपने मंच से हटा दिया।

बुधवार को जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपने-अपने प्लैटफॉर्म से 10 मिनट में सामान पहुंचाने का वादा करने वाली ब्रांडिंग को हटा दिया। हालांकि टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाले बिगबास्केट के ऐप पर 10 मिनट में ग्रॉसरी का सामान पहुंचाने का जिक्र अब भी मौजूद है। देश के भीतर कुछ मिनटों में सामान पहुंचाने का कारोबार हाल के सालों में बहुत तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके दबाव में डिलीवरी साझेदारों की कामकाजी स्थितियों और सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। दस मिनट में डिलीवरी की सेवा के विरोध में गिग वर्करों (अस्थायी कामगारों) ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशव्यापी हड़ताल की थी, जिसने कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आय की ओर ध्यान आकर्षित किया। गिग वर्कर्स एसोसिएशन ने क्विक डिलीवरी प्लैटफॉर्म के ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का वादा हटाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम डिलीवरी कर्मियों पर पड़ने वाले खतरनाक और असहनीय दबाव को स्वीकार करने की दिशा में एक अहम पहल है।

एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में श्रमिकों को अतिरिक्त मेहनत का उचित भुगतान नहीं किया जा रहा था। इस समय देश में इटर्नल कंपनी का ब्लिंकिट, स्विगी का इंस्टामार्ट, जेप्टो, जियोमार्ट, बिगबास्केट, अमेजन नाउ और फ्लिपकार्ट मिनट्स के रूप में सात क्विक कॉमर्स कंपनियां सक्रिय हैं।

भाषा इनपुट के साथ
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