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3 min read | अपडेटेड July 30, 2026, 10:30 IST
सारांश
1 अगस्त 2026 से देश में 5 बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इनमें एलपीजी सिलेंडर के दाम, रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग, क्रेडिट कार्ड रिवार्ड्स और सीकेवाईसी 2.0 जैसे बदलाव शामिल हैं।

1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले 5 नए नियम जो आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे। Image: Shutterstock
1 अगस्त 2026 से देश भर में 5 बड़े पॉलिसी बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग, रेलवे टिकट बुकिंग, क्रेडिट कार्ड नियमों और सीकेवाईसी 2.0 तक फैले हुए हैं। 31 जुलाई की आईटीआर फाइलिंग डेडलाइन खत्म होने के ठीक बाद लागू होने वाले इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब और रोजमर्रा के कामों पर पड़ेगा। ऐसे में किसी भी तरह के वित्तीय नुकसान या परेशानी से बचने के लिए इन सभी बदलावों के बारे में पहले से जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की शुरुआत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं और नए रेट जारी करती हैं। क्रूड ऑयल पैदा करने वाले देशों में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस वजह से 1 अगस्त को कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की दरों में संशोधन हो सकता है। अगर कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय खाने-पीने की दुकानों के ऑपरेशनल खर्च पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना खाना और खाना डिलीवर कराना महंगा हो सकता है।
भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त 2026 से अपनी तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया और नियमों में बदलाव किया है। रेलवे अब रिजर्वेशन काउंटरों पर प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए टोकन बांटने के समय को तत्काल टिकट बुकिंग खुलने के समय के साथ मिला रहा है। पहले यात्रियों को बुकिंग कराने से पहले टोकन लेने के लिए अलग-अलग लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। इस नए टाइमलाइन से यात्रियों की परेशानी खत्म होगी और उनका आने-जाने का समय बचेगा। साथ ही इससे रिजर्वेशन काउंटरों पर व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।
1 अगस्त से देश के बैंकिंग संस्थान अपने सर्विस चार्ज, क्रेडिट कार्ड फ्रेमवर्क और अलर्ट फीस में बदलाव कर रहे हैं। कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट स्ट्रक्चर, एनुअल मेंटेनेंस फीस और सर्विस चार्ज में संशोधन करने जा रहे हैं। बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक स्टेटमेंट और फीस शेड्यूल की जांच जरूर कर लें, क्योंकि छोटे-छोटे ट्रांजैक्शनल चार्ज या बदले हुए रिवार्ड्स पूरे बिलिंग साइकिल में आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं।
सैलरी पाने वाले और नॉन-ऑडिट व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तक है। यदि कोई व्यक्ति 31 जुलाई के बाद फॉर्म आईटीआर-1 या आईटीआर-2 फाइल करता है तो उसे लेट फीस देनी होगी। डेडलाइन बीतने के बाद टोटल टैक्सेबल इनकम ब्रैकेट के हिसाब से वित्तीय पेनल्टी लगाई जाएगी।
इसी के साथ देश के बैंकिंग, इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड सेक्टर में CKYC 2.0 लागू किया जा रहा है। यह एक मॉडर्न रजिस्ट्री फ्रेमवर्क है जो वित्तीय संस्थानों को ग्राहक की डिजिटल सहमति से सीधे सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस के जरिए वैरिफाइड पहचान दस्तावेज हासिल करने की इजाजत देता है। अब ग्राहकों को नया बैंक खाता खोलने या इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय बार-बार फिजिकल दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। इससे कागजी काम की देरी कम होगी और डिजिटल ऑनबोर्डिंग की स्पीड बढ़ने के साथ बैंकिंग सुरक्षा भी मजबूत होगी।
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