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  1. बिहार में PMAY-G के तहत 9.16 घरों के निर्माण से पहले क्यों अटकी सुई? SNA अकाउंट से जुड़े तार

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बिहार में PMAY-G के तहत 9.16 घरों के निर्माण से पहले क्यों अटकी सुई? SNA अकाउंट से जुड़े तार

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 08:01 IST

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सारांश

PMAY-G: बिहार में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत इस फाइनेंशियल ईयर में करीब 9.16 घरों के निर्माण में देरी हो सकती है। दरअसल SNA अकाउंट में देरी के चलते इन घरों के निर्माण में समय लग सकता है।

पीएम आवास योजना- ग्रामीण

बिहार में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत घर बनने में क्यों हो रही देरी?

बिहार के वित्त विभाग से एकल नोडल एजेंसी (Single Nodal Agency, SNA) अकाउंट बनाने में हुई देरी के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 9.16 लाख से अधिक घरों का निर्माण मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में शुरू होने की संभावना कम है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित 37 अतिरिक्त योजनाओं के लिए 2026-27 से एसएनए स्पर्श मॉड्यूल को लागू करने का निर्देश दिया है। एसएनए-स्पर्श मॉडल (एकल नोडल एजेंसी - रियल-टाइम में इंस्टैंट फंड ट्रांसफर सिस्टम) केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के लिए निर्बाध, समय पर फंड फ्लो के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है।

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राज्य के वित्त विभाग ने अभी तक ग्रामीण आवास के लिए वेब-आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) आवाससॉफ्ट को एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएफएमआईएस) के साथ नहीं जोड़ा है, जो बिहार में मॉड्यूल को चालू करने के लिए एक पूर्व शर्त है। राज्य में रुकी पड़ी ग्रामीण आवास परियोजनाओं को फिर से शुरू करने के लिए स्वीकृत 4,500 करोड़ रुपये में से ग्रामीण विकास विभाग को योजना के तहत लाभार्थियों को वितरित करने के लिए कम से कम 3,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘हमने वित्त विभाग से एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के क्रियान्वयन में तेजी लाने का अनुरोध किया था, लेकिन हमारी कोशिशें सफल नहीं हुईं। अगर समय पर फंड जारी नहीं किए गए, तो नए मकानों का निर्माण नहीं हो पाएगा।’

बजट सेशन के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य सौरभ कुमार के एक गैर-तारांकित सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने जनवरी में 91 करोड़ रुपये जारी किए थे। उन्होंने कहा, ‘हमने 31 मार्च तक केंद्र से अतिरिक्त राशि मांगी है।’ सौरभ कुमार ने कहा कि बिहार में पीएमएवाई (जी) योजना के तहत स्वीकृत 12.08 लाख घरों में से 2.91 लाख घर पूरे हो चुके हैं, जबकि 9.16 लाख घर अभी भी लंबित हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या यह देरी पिछले पांच महीनों से केंद्रीय फंड जारी न होने के कारण हुई है।

मंत्री ने वित्त विभाग की ओर से ‘कुछ देरी’ होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात की और 91 करोड़ रुपये की किस्त हासिल की। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल ईयर के अंत से पहले और अधिक फंड की मांग की गई है। इस योजना के तहत, प्रत्येक लाभार्थी तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये प्राप्त करने के हकदार हैं।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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