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50-30-20 rule: जल्दी फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए शानदार है यह स्ट्रेटेजी, समझिए सैलरी को कहां और कितना करें खर्च

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 25, 2025, 18:09 IST

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सारांश

असल में 50-30-20 रूल आपकी इनकम को तीन बेसिक कैटेगरी में बांटता है। इस नियम के मुताबिक आप जो कमाते हैं उसका आधा यानी 50 परसेंट हिस्सा जरूरी चीजों पर खर्च किया जाना चाहिए। इनमें वे चीजें शामिल हैं जिन्हें आप टाल नहीं सकते, जैसे किराया, किराने का सामान, EMI, यूटिलिटीज और इंश्योरेंस।

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50-30-20 रूल एक पॉपुलर स्ट्रेटेजी है, जिसने अनगिनत लोगों को फाइनेंशियल प्लानिंग करने में मदद की है।

50-30-20 rule: कभी सोचा है कि कुछ लोग दूसरों से सालों पहले फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों पा लेते हैं? ऐसा इसलिए नहीं है कि वे करोड़ों कमाते हैं, बल्कि इसलिए है क्योंकि उनके पास जो कुछ भी है, उसके साथ वे स्मार्ट तरीके से खेलते हैं। कई लोगों का अपने खर्चों पर कंट्रोल नहीं होता, जिसके चलते वे ना सेविंग कर पाते हैं और ना ही जरूरी चीजों पर खर्च कर पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए 50-30-20 रूल एक पॉपुलर स्ट्रेटेजी है, जिसने अनगिनत लोगों को फाइनेंशियल प्लानिंग करने में मदद की है।
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क्या है 50-30-20 रूल

असल में 50-30-20 रूल आपकी इनकम को तीन बेसिक कैटेगरी में बांटता है। इस नियम के मुताबिक आप जो कमाते हैं उसका आधा यानी 50 परसेंट हिस्सा जरूरी चीजों पर खर्च किया जाना चाहिए। इनमें वे चीजें शामिल हैं जिन्हें आप टाल नहीं सकते, जैसे किराया, किराने का सामान, EMI, यूटिलिटीज और इंश्योरेंस।

इसके बाद इनकम का अगला 30 परसेंट "चाहतों" या लाइफस्टाइल चॉइस पर खर्च करना चाहिए। जैसे बाहर खाना, शॉपिंग या स्ट्रीमिंग सर्विस। इसके बाद बाकी 20 परसेंट सीधे सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट या कर्ज चुकाने में लगाया जाना चाहिए। यह नियम आपके पैसे में कुछ समझदारी लाता है और फ्लेक्सिबिलिटी भी देता है।

इस नियम को फॉलो करना आसान

50-30-20 मेथड की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे फॉलो करना काफी आसान है। इस नियम को समझने और इस्तेमाल करने के लिए आपको बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। यह सिस्टम आपको आज अच्छी तरह से जीने और कल अपने भविष्य को सुरक्षित करने के बीच बैलेंस बनाने में मदद करता है।

लाइफस्टाइल के हिसाब से बदल सकते हैं नियम

50-30-20 फाइनेंशियल प्लानिंग की अच्छी शुरुआत है, लेकिन यह कोई अंतिम फ़ॉर्मूला नहीं है। अगर आप मेट्रो शहर में रहते हैं और आपका किराया आपकी इनकम का 50 परसेंट से ज्यादा खर्च करता है, तो आप रेश्यो में जरूर बदलाव कर सकते हैं। इस स्थिति में आप "चाहतों" को 20 परसेंट तक कम कर सकते हैं और 30 परसेंट बचत में लगा सकते हैं। इसके अलावा अगर आप पर कोई कर्ज नहीं है और पर्याप्त इमरजेंसी फंड भी है तो आप घूमने-फिरने या शौक के लिए अधिक पैसे खर्च कर सकते हैं। इसका मकसद लंबे समय के लक्ष्यों से समझौता किए बिना बैलेंस बनाए रखना है।

खर्च करने की आदतों में होता है सुधार

50-30-20 का नियम आपकी खर्च करने की आदतों को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह नियम आपको सिखाता है कि आप किस चीज पर कितना पैसा खर्च कर रहे हैं। जब आप समझने लगते हैं कि आपकी आमदनी का कौन-सा हिस्सा किस जरूरत के लिए है, तो आप फालतू और अचानक होने वाले खर्चों पर भी दो बार सोचने लगते हैं। धीरे-धीरे यही जागरूकता अच्छी वित्तीय आदतों में बदल जाती है। इससे पैसों को लेकर तनाव भी कम होता है, क्योंकि आपको हमेशा पता रहता है कि आपका पैसा कहां जा रहा है।

20% पैसे का कहां करें इस्तेमाल

अब बात करते हैं आखिरी 20% की। यही हिस्सा आपकी असली वित्तीय प्रगति का आधार बनता है। इस हिस्से का उपयोग आप इमरजेंसी फंड बनाने, SIP में निवेश करने या अपने लोन को जल्दी खत्म करने में कर सकते हैं। छोटी-छोटी लेकिन नियमित बचत समय के साथ बड़ा अंतर लाती है। जब आप इस नियम को नियमित रूप से अपनाते हैं, तो पैसा चिंता की वजह नहीं बनता बल्कि आपकी सुरक्षा, आराम और आत्मविश्वास का साधन बन जाता है।

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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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