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  1. Senior Citizen Savings Scheme: टैक्स बचत वाली स्कीम, रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे का भरोसेमंद सहारा

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Senior Citizen Savings Scheme: टैक्स बचत वाली स्कीम, रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे का भरोसेमंद सहारा

Upstox

2 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 18:58 IST

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सारांश

Senior Citizen Savings Scheme: इस स्कीम में आप कम से कम ₹1000 से निवेश शुरू कर सकते हैं। अधिकतम निवेश की लिमिट ₹30 लाख है। इसमें 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग अकाउंट खोल सकते हैं। 55 से 60 साल के बीच के लोग भी खोल सकते हैं अगर उन्होंने VRS या रिटायरमेंट लिया हो।

SCSS

SCSS: यह उन लोगों के लिए काफी अच्छा माना जाता है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम चाहते हैं।

Senior Citizen Savings Scheme: सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) बुजुर्गों के लिए बनाई गई एक ऐसी स्कीम है, जिस पर करोड़ों लोग भरोसा करते हैं। इसका मकसद है उन्हें सुरक्षित और नियमित कमाई का विकल्प देना। यह उन लोगों के लिए काफी अच्छा माना जाता है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम चाहते हैं। हाल ही में सरकार ने अप्रैल-जून 2026 की अवधि में इसके निवेशकों को 8.2 फीसदी का सालाना ब्याज जारी रखने का ऐलान किया है। यहां हम समझेंगे कि इस योजना में क्या खास है।
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कितना कर सकते हैं निवेश

इस स्कीम में आप कम से कम ₹1000 से निवेश शुरू कर सकते हैं। अधिकतम निवेश की लिमिट ₹30 लाख है। इसमें 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग अकाउंट खोल सकते हैं। 55 से 60 साल के बीच के लोग भी खोल सकते हैं अगर उन्होंने VRS या रिटायरमेंट लिया हो।

SCSS की अवधि 5 साल होती है। इसके बाद आप चाहें तो इसे 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं। यानी कुल मिलाकर 8 साल तक इसका फायदा लिया जा सकता है। इसमें ब्याज हर तिमाही मिलता है। यानी साल में चार बार अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की शुरुआत में आपके अकाउंट में ब्याज आ जाता है। इससे रेगुलर इनकम मिलती रहती है।

अगर आप अकाउंट जल्दी बंद करते हैं, तो कुछ पेनल्टी लगती है। 1 साल से पहले बंद करने पर कोई ब्याज नहीं मिलता। 1–2 साल के बीच बंद करने पर 1.5% कटौती होती है और 2 साल के बाद 1% पेनल्टी लगती है।

इनकम टैक्स में बेनिफिट

SCSS में निवेश करने पर आपको Income Tax Act की सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन मिलता है। यानी आप टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि, जो ब्याज मिलता है वो टैक्सेबल ता है। इसके बाद मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। यानी यह ETE कैटेगरी में आता है। अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो उसके बाद उस अकाउंट पर ब्याज पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट हिसाब से मिलता है, जब तक कि अकाउंट बंद नहीं हो जाता।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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