पर्सनल फाइनेंस

3 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 16:01 IST
सारांश
देश के सबसे बड़े फंड हाउस एसबीआई म्यूचुअल फंड ने 'एसबीआई निफ्टी मिडकैप 150 मोमेंटम 50 ईटीएफ' लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है जो मिडकैप सेगमेंट के टॉप 50 मोमेंटम शेयरों में निवेश करेगी। निवेशक इस एनएफओ (NFO) में 24 फरवरी 2026 तक पैसा लगा सकते हैं।

एसबीआई म्यूचुअल फंड ने निवेशकों के लिए नया मिडकैप मोमेंटम ईटीएफ पेश किया।
भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के सबसे बड़े नाम एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने निवेशकों के लिए एक नया निवेश विकल्प पेश किया है। कंपनी ने 'एसबीआई निफ्टी मिडकैप 150 मोमेंटम 50 ईटीएफ' (SBI Nifty Midcap 150 Momentum 50 ETF) नाम से एक नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड ईटीएफ है, जिसका मतलब है कि इसमें निवेशक कभी भी यूनिट्स की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। यह नया फंड ऑफर यानी एनएफओ (NFO) निवेश के लिए खुल चुका है और निवेशक इसमें 24 फरवरी 2026 तक अपना पैसा लगा सकते हैं। यह फंड उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो शेयर बाजार में मिडकैप कंपनियों की बढ़ती रफ़्तार का हिस्सा बनना चाहते हैं।
एसबीआई निफ्टी मिडकैप 150 मोमेंटम 50 ईटीएफ का मुख्य उद्देश्य निफ्टी मिडकैप 150 मोमेंटम 50 इंडेक्स के प्रदर्शन को ट्रैक करना है। फंड हाउस ने अपनी योजना के दस्तावेज में साफ किया है कि यह स्कीम एक 'पैसिव' यानी इंडेक्सिंग एप्रोच का पालन करेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि फंड मैनेजर अपनी मर्जी से शेयर नहीं चुनेंगे, बल्कि इंडेक्स में शामिल शेयरों में ही पैसा लगाएंगे। अन्य एक्टिव फंड्स के उलट, यह स्कीम अपने ट्रैक किए जाने वाले मार्केट को 'बीट' करने की कोशिश नहीं करेगी। साथ ही, जब बाजार में गिरावट आएगी या मार्केट ओवरवैल्यूड दिखेगा, तब भी यह फंड अस्थायी रूप से बचाव की मुद्रा में नहीं जाएगा।
इस स्कीम में निवेश का ढांचा बहुत ही स्पष्ट रखा गया है। फंड हाउस अपनी कुल संपत्ति का कम से कम 95 पर्सेंट और अधिकतम 100 पर्सेंट हिस्सा उन शेयरों में निवेश करेगा जो निफ्टी मिडकैप 150 मोमेंटम 50 इंडेक्स का हिस्सा हैं। इसके अलावा, लिक्विडिटी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 पर्सेंट तक का हिस्सा सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs, SDLs और ट्रेजरी बिल) या लिक्विड म्यूचुअल फंड की यूनिट्स में रखा जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि इस स्कीम और इसके बेंचमार्क इंडेक्स का रिस्क फैक्टर बहुत ज्यादा है। मिडकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव की बड़ी संभावना रहती है, इसलिए इसमें सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है।
एसबीआई म्यूचुअल फंड ने आम निवेशकों की पहुंच को आसान बनाने के लिए एनएफओ के दौरान न्यूनतम आवेदन राशि ₹5,000 तय की है। इसके बाद निवेशक ₹1 के गुणकों में अतिरिक्त निवेश कर सकते हैं। अगर कोई निवेशक अतिरिक्त खरीदारी करना चाहता है, तो वह ₹1,000 से शुरुआत कर सकता है। इसके अलावा, जो लोग एकमुश्त पैसा नहीं लगाना चाहते, उनके लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) की शानदार सुविधा भी दी गई है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार डेली, वीकली, मंथली, क्वार्टरली या सालाना आधार पर एसआईपी के जरिए इस ईटीएफ में निवेश जारी रख सकते हैं।
मोमेंटम निवेश का एक ऐसा तरीका है जिसमें उन शेयरों को चुना जाता है जिन्होंने पिछले कुछ समय में बाजार में बढ़िया प्रदर्शन किया है। इस ईटीएफ के जरिए निवेशकों को मिडकैप सेगमेंट की उन 50 कंपनियों में पैसा लगाने का मौका मिलेगा जिनकी रफ़्तार सबसे तेज है। मिडकैप कंपनियां अक्सर लॉर्ज कैप के मुकाबले ज्यादा रफ़्तार से बढ़ती हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी ज्यादा होता है।
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