पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड January 01, 2026, 10:55 IST
सारांश
वित्त मंत्रालय ने छोटी बचत योजनाओं की नई ब्याज दरों का एलान कर दिया है। पीपीएफ और सीनियर सिटीजन स्कीम (SCSS) की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे निवेशकों को पुराने दर पर ही मुनाफा मिलता रहेगा। सुरक्षित भविष्य और टैक्स बचत के लिए ये दोनों योजनाएं आज भी बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं।

सरकार ने पीपीएफ और बुजुर्गों की बचत योजना पर मिलने वाले ब्याज को पहले की तरह बरकरार रखा है।
नए साल की शुरुआत के साथ ही उन करोड़ों निवेशकों के लिए राहत भरी खबर आई है जो अपनी मेहनत की कमाई को सरकारी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं। वित्त मंत्रालय ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी भी तरह के बदलाव न करने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी बेहद लोकप्रिय योजनाओं में पहले की तरह ही आकर्षक ब्याज मिलता रहेगा। सरकार का यह फैसला बाजार में स्थिरता बनाए रखने और मध्यम वर्ग के निवेशकों को सुरक्षा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार, पीपीएफ पर सालाना 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा। वहीं, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में निवेश करने वाले बुजुर्गों को 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज का लाभ मिलता रहेगा। यह लगातार कई तिमाहियों से देखा जा रहा है कि सरकार ने इन योजनाओं की दरों को स्थिर रखा है। सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की तलाश करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वे अपने भविष्य की आर्थिक योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकते हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ देश की सबसे भरोसेमंद लंबी अवधि की बचत योजनाओं में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें निवेश की गई पूरी राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। इस योजना की अवधि 15 साल की होती है, जिसे आप 5-5 साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं। एक वित्त वर्ष में आप इसमें कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा और टैक्स मुक्त फंड तैयार करना चाहते हैं।
60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक वरदान की तरह है। इस योजना में सरकार ने निवेश की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये तय की हुई है। इसमें मिलने वाला 8.2 प्रतिशत का ब्याज अन्य फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस स्कीम की अवधि 5 साल की होती है और इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि ब्याज का भुगतान हर तिमाही पर किया जाता है। इससे बुजुर्गों को अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए एक नियमित आमदनी का जरिया मिल जाता है। अगर कोई चाहे तो मैच्योरिटी के बाद इस खाते को 3 साल के लिए और बढ़ा सकता है।
मौजूदा आर्थिक हालातों में जहां बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, वहां सरकारी योजनाओं की ये स्थिर ब्याज दरें एक सुकून देने वाली खबर हैं। पीपीएफ और सीनियर सिटीजन स्कीम दोनों ही सरकार द्वारा गारंटीड हैं, इसलिए इसमें पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं होता है। इसके अलावा आयकर की धारा 80C के तहत इन योजनाओं में निवेश पर छूट भी मिलती है। जो लोग नए साल में अपने निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक शानदार अवसर है क्योंकि उन्हें पता है कि अगले तीन महीनों तक उनके रिटर्न में कोई कमी नहीं आने वाली है।
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