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  1. किन लोगों को मिलता है PM SVANidhi योजना के जरिए बिना गारंटी के लोन, यहां जानें पूरी डीटेल

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किन लोगों को मिलता है PM SVANidhi योजना के जरिए बिना गारंटी के लोन, यहां जानें पूरी डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 13:23 IST

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सारांश

केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स यानी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के 90,000 रुपये तक का लोन तीन किश्तों में दिया जाता है। समय पर भुगतान करने वालों को ब्याज में 7 प्रतिशत की सब्सिडी भी मिलती है।

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छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी कर्ज देकर सशक्त बना रही है पीएम स्वनिधि योजना।

PM SVANidhi Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक मजबूती देने के लिए एक बड़ी सौगात दी है। केरल के तिरुवनंतपुरम से हाल ही में 'PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड' को लॉन्च किया गया है। यह कदम उन लाखों स्ट्रीट वेंडर्स के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पूंजी की कमी का सामना करते थे। अब इन छोटे व्यापारियों को न केवल बिना किसी गारंटी के भारी-भरकम लोन मिलेगा, बल्कि क्रेडिट कार्ड की आधुनिक सुविधा भी मिलेगी।
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क्या है पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड?

सरकार द्वारा लॉन्च किया गया यह कार्ड कोई सामान्य कार्ड नहीं है, बल्कि यह यूपीआई (UPI) से जुड़ा हुआ रुपे (RuPay) क्रेडिट कार्ड है। यह सुविधा विशेष रूप से उन दुकानदारों को दी जा रही है जिन्होंने अपने पिछले लोन की दूसरी किश्त समय पर चुका दी है। इस कार्ड की मदद से दुकानदार अचानक जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकाल सकेंगे या भुगतान कर सकेंगे। यह डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है, जिससे छोटे फेरीवालों को भी बड़े शोरूम जैसे डिजिटल अधिकार मिल गए हैं।

तीन चरणों में मिलेगा 90 हजार रुपये का लोन

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत अब लोन की सीमा को बढ़ाकर कुल 90,000 रुपये तक कर दिया गया है। यह पैसा लाभार्थी को एक साथ न मिलकर तीन अलग-अलग चरणों में मिलता है। पहले चरण में 10,000 रुपये का कर्ज दिया जाता है। इसे सही समय पर चुकाने के बाद दूसरे चरण में 30,000 रुपये मिलते हैं। जब दुकानदार दूसरी किश्त भी सफलतापूर्वक भर देता है, तो वह तीसरे चरण में 50,000 रुपये के बड़े लोन के लिए पात्र हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी संपत्ति के कागज या गारंटर की जरूरत नहीं पड़ती है।

ब्याज में भारी बचत और शानदार कैशबैक

सरकार चाहती है कि छोटे व्यापारी कर्ज के बोझ तले न दबें, इसलिए जो लोग समय पर अपनी ईएमआई (EMI) भरते हैं, उन्हें ब्याज में 7 प्रतिशत की बड़ी छूट दी जाती है। यह सब्सिडी सीधे दुकानदार के बैंक खाते में वापस आ जाती है। इसके साथ ही डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए हर महीने 100 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जाता है। इस तरह एक दुकानदार साल भर में 1,200 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ सिर्फ डिजिटल पेमेंट स्वीकार करके कमा सकता है।

केंद्र सरकार ने इस जनहितैषी योजना की सफलता को देखते हुए इसे 31 मार्च 2030 तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके लिए 7,332 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए वेंडर के पास नगर निकाय द्वारा जारी पहचान पत्र या वेंडिंग सर्टिफिकेट होना चाहिए। यदि नाम सर्वे लिस्ट में नहीं है, तो सिफारिश पत्र के जरिए भी आवेदन संभव है। इच्छुक लोग आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं और 30 दिनों के भीतर लोन की मंजूरी पा सकते हैं।

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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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