पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 13:51 IST
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 'PM RAHAT' योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत हादसे के शिकार व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलेगा। अब अस्पताल में भर्ती होने के लिए एडवांस पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होगी और इलाज तुरंत शुरू हो सकेगा।

सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ने PM RAHAT योजना शुरू की है।
सड़क हादसों के शिकार लोगों के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत ही मानवीय और बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रधानमंत्री राहत- रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट' यानी PM RAHAT योजना को लॉन्च करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने पर इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च नहीं करने होंगे। सरकार का लक्ष्य 'गोल्डन ऑवर' यानी हादसे के तुरंत बाद के समय में बिना किसी आर्थिक रुकावट के पीड़ित की जान बचाना है। यह योजना किसी भी तरह की सड़क पर हुए हादसे के लिए लागू होगी और यह सुनिश्चित करेगी कि घायल को तुरंत मेडिकल सुविधा मिले।
PM RAHAT योजना के तहत, प्रत्येक पात्र पीड़ित को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज दिया जाएगा। यह सुविधा हादसे की तारीख से 7 दिनों की अवधि के लिए मान्य होगी। योजना के नियमों के अनुसार, अगर मामला जानलेवा नहीं है तो 24 घंटे तक और अगर हालत बहुत गंभीर यानी जानलेवा है, तो 48 घंटे तक 'स्टेबिलाइजेशन' उपचार कवर किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए एक एकीकृत डिजिटल सिस्टम पर पुलिस वेरिफिकेशन होना जरूरी होगा। इस कदम से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो अचानक आए इस संकट की वजह से कर्ज के बोझ तले दब जाते थे।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि अस्पताल अब मरीज के परिजनों से शुरुआत में कोई भी पैसा या एडवांस डिपॉजिट नहीं मांग पाएंगे। अस्पताल के खर्च का भुगतान 'मोटर वाहन दुर्घटना कोष' यानी MVAF के माध्यम से किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, यदि दुर्घटना करने वाला वाहन बीमित है, तो भुगतान सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान से किया जाएगा। वहीं, अगर वाहन का बीमा नहीं है या मामला 'हिट एंड रन' का है, तो भुगतान भारत सरकार द्वारा आवंटित बजट से किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मंजूर किए गए क्लेम का भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा, जिससे अस्पतालों को भी समय पर पैसा मिलने की गारंटी होगी।
PM RAHAT योजना पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसे इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) प्लेटफॉर्म और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS 2.0) के साथ जोड़ा गया है। इस एकीकरण से दुर्घटना की रिपोर्टिंग से लेकर क्लेम के निपटारे तक सब कुछ डिजिटल और पारदर्शी तरीके से होगा। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी और घायलों को समय पर मदद मिलना सुनिश्चित होगा। योजना की निगरानी और किसी भी तरह की शिकायत के निपटारे के लिए जिला स्तर पर एक शिकायत निवारण अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर या मजिस्ट्रेट करेंगे।
यह योजना सिर्फ एक मेडिकल सहायता नहीं है, बल्कि यह गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। अक्सर सड़क हादसे के बाद इलाज के महंगे खर्च के कारण परिवारों की जमा-पूंजी खत्म हो जाती है या उन्हें भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है। PM RAHAT योजना इन आर्थिक झटकों को कम करने और परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखने में मदद करेगी। सरकार का यह नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी हर व्यक्ति की पहुंच में ला रहा है।
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