पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड December 31, 2025, 13:47 IST
सारांश
साल 2026 में कम सैलरी के बावजूद बेहतर भविष्य बनाने के लिए 20-30-50 का नियम सबसे कारगर है। यह नियम आपकी आय को जरूरतों, इच्छाओं और बचत के बीच सही तरीके से बांटने में मदद करता है। इस बजटिंग तकनीक को अपनाकर आप कम निवेश से भी बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

नए साल 2026 की शुरुआत 20-30-50 रूल के साथ करें। | Image: Shutterstock
नए साल 2026 की शुरुआत होने वाली है और हर कोई अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के सपने देख रहा है। अक्सर लोग यह सोचकर निवेश टाल देते हैं कि उनकी सैलरी कम है और बचत के लिए पैसे नहीं बचते। लेकिन असलियत में निवेश का संबंध आपकी आय से ज्यादा आपके अनुशासन और मैनेजमेंट से होता है। अगर आप कम वेतन में भी अमीर बनने का रास्ता खोज रहे हैं, तो 2026 के लिए एक खास मास्टर प्लान तैयार करना होगा। इस मास्टर प्लान का सबसे मजबूत स्तंभ 20-30-50 का नियम है। यह नियम न केवल आपकी फिजूलखर्ची को रोकता है, बल्कि आपको धीरे-धीरे आर्थिक आजादी की ओर ले जाता है। आइए समझते हैं कि नए साल में आप अपनी छोटी सी आय को एक बड़े फंड में कैसे बदल सकते हैं।
पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में बजट बनाने का यह सबसे लोकप्रिय और आसान तरीका है। यह नियम आपकी कुल इन हैंड सैलरी को तीन हिस्सों में बांट देता है। इस नियम के अनुसार, आपको अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा अपनी अनिवार्य जरूरतों पर खर्च करना चाहिए। इसमें घर का किराया, बिजली का बिल, राशन और बच्चों की फीस जैसे जरूरी खर्चे शामिल हैं। इसके बाद आपकी सैलरी का 30 फीसदी हिस्सा आपकी इच्छाओं के लिए होता है, जैसे बाहर खाना खाना, शॉपिंग करना या घूमना-फिरना। सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आखिरी 20 फीसदी है, जिसे आपको अपनी बचत और निवेश के लिए अलग रखना होता है। अगर आप 2026 की पहली तारीख से ही इस गणित को समझ लेते हैं, तो कम सैलरी भी आपको अमीर बनने से नहीं रोक पाएगी।
ज्यादातर लोग इसलिए बचत नहीं कर पाते क्योंकि वे अपनी इच्छाओं को अपनी जरूरतों के ऊपर रखते हैं। नए साल में आपको अपने खर्चों की एक लिस्ट बनानी होगी और यह देखना होगा कि कौन सा खर्च टाला जा सकता है। 50 फीसदी हिस्सा आपकी बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त होना चाहिए। यदि आपके अनिवार्य खर्चे 50 फीसदी से ज्यादा हो रहे हैं, तो आपको अपनी जीवनशैली में थोड़े बदलाव करने की जरूरत है। वहीं, 30 फीसदी वाले हिस्से में आपको बहुत सावधानी बरतनी होगी। अक्सर लोग सेल या डिस्काउंट के चक्कर में ऐसी चीजें खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। 2026 में आपको अपनी इच्छाओं पर थोड़ा काबू पाना होगा ताकि आप अपने भविष्य के लिए 20 फीसदी का निवेश सुनिश्चित कर सकें।
जब आप अपनी सैलरी का 20 फीसदी हिस्सा अलग रख लेते हैं, तो अब बारी आती है उसे सही जगह निवेश करने की। कम सैलरी वालों के लिए म्यूचुअल फंड में एसआईपी यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान सबसे बेहतरीन विकल्प है। आप मात्र 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट जैसी सरकारी योजनाएं भी सुरक्षित निवेश के लिए अच्छी हैं। 2026 में निवेश शुरू करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप सबसे पहले एक इमरजेंसी फंड बनाएं। यह फंड आपकी कम से कम 6 महीने की सैलरी के बराबर होना चाहिए ताकि किसी भी मुश्किल घड़ी में आपका निवेश प्रभावित न हो। शेयर बाजार में सीधे निवेश करने के बजाय इंडेक्स फंड के जरिए शुरुआत करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
निवेश की दुनिया में सबसे बड़ी ताकत समय और कंपाउंडिंग यानी चक्रवर्ती ब्याज की होती है। आप जितना जल्दी निवेश शुरू करेंगे, आपका पैसा उतनी ही तेजी से बढ़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर आप 2026 से हर महीने 2000 रुपये का निवेश शुरू करते हैं और उस पर 12 फीसदी का औसत रिटर्न मिलता है, तो 20 साल बाद यह छोटी सी रकम एक बड़े फंड में बदल जाएगी। नए साल में आपको अपनी सैलरी बढ़ने के साथ-साथ अपने निवेश की राशि को भी धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। अनुशासन के साथ किया गया छोटा सा निवेश भी बुढ़ापे में आपकी सबसे बड़ी लाठी बनता है। इसलिए 2026 को केवल एक नया साल न मानें, बल्कि इसे अपनी वित्तीय स्वतंत्रता की नींव रखने वाला साल बनाएं। याद रखें कि सही योजना और सही नियम के साथ किया गया निवेश ही आपको भविष्य में हर आर्थिक चिंता से मुक्त रख सकता है।
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