पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड January 07, 2026, 18:52 IST
सारांश
Lakhpati Didi Scheme: इस योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इसके तहत महिलाओं को अलग-अलग तरह के स्किल ट्रेनिंग दिए जाते हैं, ताकि वे रोजगार या खुद का काम शुरू कर सकें।

Lakhpati Didi Scheme: यह केंद्र सरकार का एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम है।
Lakhpati Didi Scheme: सरकार अपनी कई योजनाओं के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं भी चलाई गई है। इन्हीं में से एक योजना लखपति दीदी स्कीम (Lakhpati Didi Scheme) है। यह केंद्र सरकार का एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम है, जिसे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लॉन्च किया गया है। इस प्रोग्राम का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद देकर, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाकर उन्हें आगे बढ़ाना है।
लखपति दीदी स्कीम ग्रामीण विकास मंत्रालय के DAY-NRLM (दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत एक पहल है। सरकार ने लखपति दीदी बनने वाली महिलाओं का राष्ट्रीय लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया है। एक महिला को "लखपति दीदी" तब माना जाता है जब उसकी सालाना पारिवारिक आय एक लाख रुपये या इससे अधिक या मासिक आय कम से कम दस हजार रुपए है और यह कम से कम चार कृषि मौसमों या चार व्यावसायिक चक्रों तक लगातार बनी रहती है।
इस योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इसके तहत महिलाओं को अलग-अलग तरह के स्किल ट्रेनिंग दिए जाते हैं, ताकि वे रोजगार या खुद का काम शुरू कर सकें। ट्रेनिंग में ड्रोन उड़ाने और उसकी मरम्मत की जानकारी भी शामिल है, जिसे नमो ड्रोन दीदी पहल के तहत दिया जाता है। इसके अलावा एलईडी बल्ब बनाना, प्लंबिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे तकनीकी और उद्यमिता से जुड़े कौशल भी सिखाए जाते हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य महिलाओं को बिना किसी गारंटी के बैंक लोन की सुविधा मिलती है। SHG के जरिए महिलाएं बैंक से 20 लाख रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन ले सकती हैं, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू या बढ़ा सकें।
सरकार की ओर से SHG को सीधी आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसमें रिवॉल्विंग फंड के तहत हर पात्र SHG को 20 हजार से 30 हजार रुपये दिए जाते हैं, ताकि समूह के अंदर छोटे-छोटे लोन दिए जा सकें। इसके अलावा कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) के रूप में एक SHG को 2.50 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है, जिससे सदस्य महिलाएं अपनी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
लोन लेने वाली महिलाओं को ब्याज में राहत भी दी जाती है। 1.5 लाख रुपये तक के लोन पर सरकार ब्याज में सब्सिडी देती है, जिससे महिलाओं पर कर्ज का बोझ कम होता है। साथ ही, जिन महिला SHG सदस्यों का जन-धन खाता है, उन्हें 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिलती है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसे निकाले जा सकें।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी हैं। महिला का किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना जरूरी है। यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के लिए बनाई गई है। दस्तावेजों के तौर पर आमतौर पर आधार कार्ड, SHG सदस्यता का प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी और एक मोबाइल नंबर की जरूरत होती है।
गोरखपुर की मानशा देवी एक साल में लखपति दीदी बन गई हैं। अब वह 26 जनवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। कभी सीमित आमदनी में गुजारा करने वाली मानशा देवी आज ई-रिक्शा ट्रेनर के रूप में काम कर रही हैं। यूपी सरकार के मुताबिक मानशा देवी की मासिक आय 20 हजार से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जिससे उनकी सालाना कमाई करीब 2.5 से 3 लाख रुपये हो गई है।
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