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  1. म्यूचुअल फंड का जलवा बरकरार, 10 साल में 6 गुना बढ़ी निवेशकों की संपत्ति, 81 लाख करोड़ के पार पहुंचा एयूएम

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म्यूचुअल फंड का जलवा बरकरार, 10 साल में 6 गुना बढ़ी निवेशकों की संपत्ति, 81 लाख करोड़ के पार पहुंचा एयूएम

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 13:28 IST

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सारांश

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने जनवरी 2026 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 81.01 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। पिछले 10 सालों में निवेशकों के पैसे में 6 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है।

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भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने 81 लाख करोड़ रुपये के एसेट मैनेजमेंट का ऐतिहासिक माइलस्टोन पार किया।

भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने साल 2026 की शुरुआत एक बहुत बड़ी उपलब्धि के साथ की है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 के अंत तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 81,01,306 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अगर हम जनवरी महीने के औसत एयूएम यानी AAUM की बात करें, तो यह आंकड़ा और भी बड़ा है, जो 82,01,175 करोड़ रुपये रहा।

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10 सालों में 6 गुना से ज्यादा की छलांग

पिछले एक दशक का सफर देखें तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ किसी चमत्कार से कम नहीं है। 31 जनवरी 2016 को इस इंडस्ट्री का कुल एयूएम केवल 12.74 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 10 साल के भीतर 6 गुना से ज्यादा बढ़कर 81.01 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह, पिछले 5 सालों में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है। जनवरी 2021 में जो एयूएम 30.50 लाख करोड़ रुपये था, वह मात्र 5 साल में करीब 3 गुना बढ़ गया है।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने अपने सफर में कई बड़े मील के पत्थर यानी माइलस्टोन पार किए हैं। पहली बार मई 2014 में इंडस्ट्री का एयूएम 10 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा था। इसके बाद महज तीन साल में अगस्त 2017 में यह दोगुना होकर 20 लाख करोड़ के पार निकल गया। नवंबर 2020 में पहली बार इसने 30 लाख करोड़ का आंकड़ा छुआ था और अब जनवरी 2026 तक यह 81 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

करोड़ों निवेशकों का जुड़ाव

निवेश के साथ-साथ निवेशकों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। मई 2021 में पहली बार फोलियो (खातों) की संख्या 10 करोड़ के पार हुई थी, जो अब 31 जनवरी 2026 तक बढ़कर 26.63 करोड़ के जादुई आंकड़े पर पहुंच गई है। सबसे खास बात यह है कि इसमें इक्विटी, हाइब्रिड और सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम्स में करीब 20.43 करोड़ फोलियो हैं। ये वे स्कीम्स हैं जहां सबसे ज्यादा पैसा आम जनता यानी रिटेल सेगमेंट से आता है। इसका मतलब है कि देश का छोटा निवेशक भी अब अपनी वेल्थ क्रिएशन के लिए म्यूचुअल फंड का बखूबी इस्तेमाल कर रहा है।

बता दें कि जिस तरह से सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए पैसा आ रहा है, उससे बाजार में लिक्विडिटी बनी हुई है। आने वाले सालों में जैसे-जैसे और भी लोग फाइनेंशियल लिटरेसी से जुड़ेंगे, यह एयूएम नए रिकॉर्ड बनाना जारी रखेगा। फिलहाल 81 लाख करोड़ का यह आंकड़ा भारतीय बाजार की मजबूती और निवेशकों के अटूट विश्वास की एक बड़ी जीत है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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