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CBDT ने नए इनकम टैक्स नियमों को किया नोटिफाई, कैपिटल गेन नियम में स्पष्टता, HRA में राहत

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 20, 2026, 16:38 IST

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सारांश

Income Tax: कैपिटल गेन के नियमों में स्पष्टता लाई गई है। अब अगर कोई शेयर या डिबेंचर किसी दूसरे इंस्ट्रूमेंट से बदला गया है, तो होल्डिंग पीरियड में पुराने इंस्ट्रूमेंट को रखने का समय भी जोड़ा जाएगा। इससे यह तय करना आसान होगा कि मुनाफा शॉर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म।

Income Tax Rules

Income Tax Rules: नए नियमों में सैलरी पाने वाले लोगों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में राहत बरकरार रखी गई है।

Income Tax Rules: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए Income-tax Rules, 2026 जारी कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। ये नियम नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 को लागू करने के लिए बनाए गए हैं। सरकार का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना है, लेकिन साथ ही नियमों को ज्यादा सख्त और साफ भी किया गया है।
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कैपिटल गेन नियम में स्पष्टता

कैपिटल गेन के नियमों में स्पष्टता लाई गई है। अब अगर कोई शेयर या डिबेंचर किसी दूसरे इंस्ट्रूमेंट से बदला गया है, तो होल्डिंग पीरियड में पुराने इंस्ट्रूमेंट को रखने का समय भी जोड़ा जाएगा। इससे यह तय करना आसान होगा कि मुनाफा शॉर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म।

HRA में राहत, लेकिन नियम सख्त

नए नियमों में सैलरी पाने वाले लोगों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में राहत बरकरार रखी गई है। पहले की तरह ही दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रहने वालों को सैलरी का 50% तक HRA छूट मिलेगी, जबकि बाकी शहरों में यह 40% ही रहेगी। लेकिन अब HRA का फायदा लेने के लिए टैक्सपेयर्स को मकान मालिक और किरायेदार के रिश्ते की पूरी जानकारी देना जरूरी होगा, जिससे गलत दावों को रोका जा सके।

सख्त निगरानी और ज्यादा जानकारी

नए नियमों में टैक्स से जुड़ी जानकारी देने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब कैपिटल गेन, शेयर बाजार के लेन-देन और विदेश से जुड़े टैक्स मामलों में ज्यादा जानकारी देनी होगी। 150 से ज्यादा नए फॉर्म (Form 33 से आगे) भी जारी किए गए हैं, जिनमें अलग-अलग टैक्स प्रक्रियाएं शामिल हैं।

टैक्स सिस्टम हुआ आसान

सरकार ने टैक्स सिस्टम को छोटा और आसान भी बनाया है। पहले जहां 819 सेक्शन और 47 चैप्टर थे, अब उन्हें घटाकर 536 सेक्शन और 23 चैप्टर कर दिया गया है। शब्दों की संख्या भी करीब आधी कर दी गई है। साथ ही अब लंबे-चौड़े कानूनी टेक्स्ट की जगह 39 टेबल और 40 फॉर्मूला जोड़े गए हैं, जिससे समझना आसान होगा।

कंपनियों और ऑडिटर्स की जिम्मेदारी बढ़ी

ऑडिटर और कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अब उन्हें विदेशी आय पर मिलने वाले टैक्स क्रेडिट की जांच ज्यादा सख्ती से करनी होगी, PAN के डुप्लीकेट मामलों को देखना होगा और ऑडिट में सामने आने वाली गड़बड़ियों के आधार पर टैक्स देनदारी तय करनी होगी।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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