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  1. EDLI Scheme: EPFO सदस्यों को बिना किसी प्रीमियम ₹7 लाख तक का इंश्योरेंस कवर, क्या है यह पूरी स्कीम, यहां समझिए

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EDLI Scheme: EPFO सदस्यों को बिना किसी प्रीमियम ₹7 लाख तक का इंश्योरेंस कवर, क्या है यह पूरी स्कीम, यहां समझिए

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 26, 2026, 13:48 IST

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सारांश

EPFO की इस बीमा सुविधा का नाम Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme (EDLI) है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 1976 में की थी। इसका मकसद यह था कि अगर किसी EPF खाताधारक कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके।

EDLI scheme

EDLI योजना के लिए कर्मचारी को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती।

EDLI Scheme: जब हम एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) की बात करते हैं, तो आमतौर पर इसे रिटायरमेंट के लिए की जाने वाली बचत मानते हैं। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है और लंबे समय में इससे एक अच्छा रिटायरमेंट फंड बनता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि EPFO अपने सदस्यों को एक ऐसी बीमा सुविधा भी देता है, जिसमें कर्मचारी की नौकरी के दौरान मौत होने पर उसके परिवार या नॉमिनी को ₹7 लाख तक का इंश्योरेंस कवर मिलता है, वह भी बिना किसी प्रीमियम के।
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क्या है यह पूरी योजना

EPFO की इस बीमा सुविधा का नाम Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme (EDLI) है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 1976 में की थी। इसका मकसद यह था कि अगर किसी EPF खाताधारक कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके। EPF के सभी सक्रिय सदस्य अपने आप इस योजना के दायरे में आ जाते हैं।

EDLI स्कीम के तहत मिलने वाली बीमा राशि अधिकतम ₹7 लाख तक हो सकती है। यह राशि कर्मचारी की मृत्यु से पहले के पिछले 12 महीनों की औसत सैलरी पर निर्भर करती है। इस योजना में न्यूनतम लाभ राशि ₹2.50 लाख तय की गई है, यानी इससे कम भुगतान नहीं किया जाएगा।

कैसे होती है राशि की गणना

EDLI के तहत मिलने वाली राशि की गणना इस तरह की जाती है। कर्मचारी की पिछले 12 महीनों की औसत मासिक सैलरी को 35 गुना किया जाता है, लेकिन कुल रकम ₹7 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती। सैलरी की गणना अधिकतम ₹15,000 प्रतिमाह की सीमा तक होती है। इसके अलावा, परिवार को ₹2.50 लाख का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाता है।

इस तरह अधिकतम गणना करने पर ₹15,000 × 30 = ₹4.50 लाख और इसमें ₹2.50 लाख बोनस जोड़ने पर कुल राशि ₹7 लाख हो जाती है, जो इस योजना की अधिकतम सीमा है।

कैसे मिलेगा फायदा?

EDLI योजना के लिए कर्मचारी को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। रजिस्टर्ड सभी संस्थान अपने आप इस योजना में शामिल होते हैं। ऐसे संस्थानों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने कर्मचारियों, जिनकी बेसिक सैलरी कम से कम ₹15,000 है, को EDLI में शामिल करें।

इस योजना के लिए कर्मचारी को अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना होता। कर्मचारी सिर्फ EPF और Employee Pension Scheme (EPS) में योगदान करता है। EDLI के लिए पूरा योगदान नियोक्ता देता है, जो कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 0.5 प्रतिशत होता है। हालांकि, नियोक्ता का यह योगदान अधिकतम ₹75 प्रति माह तक सीमित है।

नॉमिनी को मिलता है लाभ

EDLI का लाभ सबसे पहले उस व्यक्ति को मिलता है, जिसे कर्मचारी ने नॉमिनी के रूप में नामित किया होता है। अगर कर्मचारी ने किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है, तो उसकी मृत्यु के बाद परिवार का सदस्य या कानूनी वारिस इस योजना के तहत दावा कर सकता है।

फॉर्म और जरूरी दस्तावेज भरकर दावेदार को इन्हें क्षेत्रीय EPF कमिश्नर के कार्यालय में जमा करना होता है। दस्तावेज जमा होने के बाद EPFO को 30 दिनों के भीतर EDLI का दावा निपटाना होता है। अगर इसमें देरी होती है, तो दावेदार को भुगतान की तारीख तक 12 प्रतिशत सालाना ब्याज पाने का भी अधिकार होता है।

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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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