पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड March 04, 2026, 13:27 IST
सारांश
दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों के लिए 'पिंक सहेली कार्ड' लॉन्च किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शुरू की गई इस स्कीम के तहत अब डीटीसी बसों में सफर पूरी तरह मुफ्त होगा। इससे कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को हर महीने 1200 से 2400 रुपये तक की बचत करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली की महिलाओं के लिए पिंक सहेली कार्ड अब फ्री बस सफर के साथ डिजिटल बचत का नया जरिया बनेगा।
दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। राजधानी में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर साथियों की सुविधा के लिए दिल्ली सरकार ने 'पिंक सहेली कार्ड' की शुरुआत की है। इस खास कार्ड को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन अन्य महिला कल्याण योजनाओं के साथ लॉन्च किया है। यह कार्ड न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि महिलाओं की जेब पर पड़ने वाले बोझ को भी काफी कम कर देगा। अब बस में सफर करने के लिए महिलाओं को पुराने कागज वाले टिकट पर निर्भर नहीं रहना होगा।
पिंक सहेली कार्ड को खास तौर पर दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए एक डायरेक्ट फाइनेंशियल राहत के रूप में तैयार किया गया है। इस योजना का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को महिलाओं के लिए ज्यादा सुलभ और टेक्नोलॉजी से जोड़कर सुरक्षित बनाना है। राष्ट्रपति द्वारा लॉन्च की गई यह पहल दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। इससे न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे अपनी जरूरतों के लिए बेझिझक सफर कर सकेंगी।
इस नई योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे हर महीने एक अच्छी खासी बचत होगी। डीटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलने से महिलाएं हर महीने करीब 1200 से 2400 रुपये तक बचा सकेंगी। यह बचत सफर की फ्रीक्वेंसी यानी आप कितनी बार बस का इस्तेमाल करती हैं, उस पर निर्भर करेगी। यह पैसा उन कामकाजी महिलाओं, स्टूडेंट्स और छोटे बिजनेस चलाने वाली बहनों के लिए बहुत काम आएगा जो हर दिन बस से सफर करती हैं। साल भर में यह एक बड़ी रकम बन जाएगी, जिसे महिलाएं अपने फ्यूचर के लिए एसआईपी (SIP) इन्वेस्टमेंट, इमरजेंसी फंड या हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने में इस्तेमाल कर सकती हैं।
पिंक सहेली कार्ड केवल बस तक ही सीमित नहीं है। यह एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की तरह काम करेगा, यानी इसका इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) में भी किया जा सकेगा। इससे आपको अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आपके खर्चों का हिसाब रखना भी आसान हो जाएगा। सरकार ने पुराने कागज वाले पिंक टिकट सिस्टम को हटाकर इसे डिजिटल बनाने का फैसला किया है ताकि रेवेन्यू की अकाउंटिंग में पारदर्शिता आए और सफर सुरक्षित हो सके। इसके जरिए आपकी यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी रहेगा, जो टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा।
पिंक सहेली कार्ड बनवाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहले, आवेदन करने वाली महिला या ट्रांसजेंडर व्यक्ति की उम्र 12 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। इसके साथ ही, उसका दिल्ली का निवासी होना जरूरी है, जिसके लिए दिल्ली का आधार कार्ड या कोई वैध एड्रेस प्रूफ देना होगा। सरकार ने इस प्रोग्राम के तहत तीन तरह के कार्ड जारी करने का फैसला किया है। महिलाओं के लिए 'पिंक', आम मुसाफिरों के लिए 'ब्लू' और मंथली पास वालों के लिए 'ऑरेंज' कार्ड होगा। फिलहाल पहले फेज में पिंक और ब्लू कार्ड ही जारी किए जा रहे हैं, जबकि ऑरेंज कार्ड बाद में आएगा। इन कार्ड्स को जारी करने की जिम्मेदारी एयरटेल पेमेंट्स बैंक और फिनपे (MufinPay) को दी गई है।
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