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Budget 2026: ₹1.5 लाख तक गिफ्ट टैक्स-फ्री करने की मांग, जानिए क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

rajeev-kumar

2 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 17:16 IST

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सारांश

Income Tax Act, 1961 की Section 56(2)(x) के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को किसी नॉन-रिलेटिव (यानि रिश्तेदार नहीं) से बिना बदले में पैसा मिलता है और पूरे साल में ऐसे गिफ्ट की कुल रकम ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी राशि टैक्स के दायरे में आ जाती है और “Income from Other Sources” मानी जाती है।

Budget 2026

Budget 2026: अगर किसी व्यक्ति को ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट मिलता है, तो उस पर टैक्स लग जाता है।

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 को रविवार, 1 फरवरी 2026 को पेश करेंगी। बजट से पहले टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार को सुझाव दिया है कि गिफ्ट पर टैक्स-फ्री सीमा ₹50000 से बढ़ाकर कम से कम ₹1.5 लाख कर दी जानी चाहिए। अभी के नियमों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट मिलता है, तो उस पर टैक्स लग जाता है। हालांकि अब इस लिमिट को बढ़ाने की मांग हो रही है। आइए जानते एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।
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एक्सपर्ट्स की राय

चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ सुरेश सुराना के मुताबिक, Income Tax Act की Section 56(2)(x) के अनुसार अगर कोई व्यक्ति 1 अप्रैल 2017 के बाद किसी से पैसा या कोई प्रॉपर्टी मुफ्त में या उसकी सही कीमत से बहुत कम दाम पर लेता है, और उसकी कुल वैल्यू ₹50000 से ज्यादा हो जाती है, तो यह रकम पाने वाले की “Income from Other Sources” मानी जाती है और उस पर टैक्स लगता है।

उन्होंने बताया कि यह ₹50,000 की सीमा आखिरी बार साल 2006 के बजट में तय की गई थी (तब यह Section 56(2)(vi) के तहत थी)। तब से अब तक महंगाई और जीवन-यापन की लागत काफी बढ़ चुकी है, लेकिन गिफ्ट की टैक्स सीमा वही की वही है। इसलिए उनका कहना है कि अब इसे बढ़ाकर कम से कम ₹1.5 लाख कर देना चाहिए।

अभी का नियम क्या है?

Income Tax Act, 1961 की Section 56(2)(x) के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को किसी नॉन-रिलेटिव (यानि रिश्तेदार नहीं) से बिना बदले में पैसा मिलता है और पूरे साल में ऐसे गिफ्ट की कुल रकम ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी राशि टैक्स के दायरे में आ जाती है और “Income from Other Sources” मानी जाती है।

इसका मतलब है कि दोस्त, ऑफिस कलीग या किसी और गैर-रिश्तेदार से साल भर में ₹50000 तक कैश गिफ्ट मिले तो टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर यह रकम ₹50000 से ऊपर चली गई, तो पूरी राशि टैक्सेबल हो जाती है। हालांकि, कुछ मामलों में पूरी छूट मिलती है। जैसे माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, दादा-दादी, नाना-नानी या बच्चे जैसे तय रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, चाहे रकम कितनी भी हो। इसके अलावा शादी के मौके पर मिला कोई भी गिफ्ट भी टैक्स से बाहर रहता है।

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लेखकों के बारे में

rajeev-kumar
Rajeev Kumar Upstox में डेप्युटी एडिटर हैं और पर्सनल फाइनेंस की स्टोरीज कवर करते हैं। पत्रकार के तौर पर 11 साल के करियर में उन्होंने इनकम टैक्स, म्यूचुअल फंड्स, क्रेडिट कार्ड्स, बीमा, बचत और पेंशन जैसे विषयों पर 2,000 से ज्यादा आर्टिकल लिखे हैं। वह 1% क्लब, द फाइनेंशल एक्सप्रेस, जी बिजेनस और हिंदुस्तान टाइम्स में काम कर चुके हैं। अपने काम के अलावा उन्हें लोगों से उनके पर्सनल फाइनेंस के सफर के बारे में बात करना और उनके सवालों के जवाब देना पसंद है।

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