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  1. बजट 2026 से पहले SBI चीफ की क्या है डिमांड? बैंक डिपॉजिट और इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर एक जैसा हो टैक्स

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बजट 2026 से पहले SBI चीफ की क्या है डिमांड? बैंक डिपॉजिट और इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर एक जैसा हो टैक्स

Upstox

2 min read | अपडेटेड January 31, 2026, 18:17 IST

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सारांश

कई बैंकरों का कहना है कि बचतकर्ता अब काफी समझदार हो गए हैं और वे बैंक खातों में केवल मिनिमम बैलेंस ही रख रहे हैं। वे बेहतर रिटर्न पाने के लिए एक्स्ट्रा फंड को इक्विटी में लगाना पसंद कर रहे हैं।

कैपिटल गेन टैक्स

बजट से पहले SBI चीफ ने बैंक जमा, शेयर निवेश पर एक जैसे टैक्स के लिए कहा

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने शनिवार को शेयर (इक्विटी) निवेश और बैंक जमा से होने वाली कमाई पर एक समान टैक्स सिस्टम लागू करने की वकालत की। केंद्रीय बजट से एक दिन पहले शेट्टी ने कहा कि दुनिया में अन्य कहीं भी टैक्सेशन में इस तरह की असमानता नहीं है और अब समय आ गया है कि भारत भी अन्य बाजारों के अनुरूप चले। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि वित्तीय बचत साधनों के लिए समान अवसर होने चाहिए।’ शेट्टी ने बताया कि हालांकि वह बजट के प्रावधानों के बारे में नहीं जानते और इस तरह के कदम से राजकोषीय चुनौतियां भी हो सकती हैं, लेकिन इक्विटी के लिए किसी ‘खास व्यवहार’ की आवश्यकता नहीं है।

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टैक्स को लेकर चीजें बदली हैं

उन्होंने कहा, ‘एक समय में आसान टैक्सेशन के जरिए इक्विटी निवेश को प्रोत्साहित करना सही रहा होगा, लेकिन आज जिस तरह से जोखिम भरे इक्विटी मार्केट में लोगों की रुचि बढ़ रही है, वहां अब ऐसी विशेष रियायत की जरूरत नहीं है।’ मौजूदा समय में बैंक जमा पर रिटर्न टैक्सपेयर्स के टैक्स स्लैब के अनुसार लगता है, जो 30% तक हो सकता है। इसके उलट, लिस्टेड इक्विटी पर रिटर्न पर रियायती दरें लागू हैं, जिसमें 1.25 लाख रुपये से अधिक के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (Long-Term Capital Gains, LTCG) पर 12.5% और अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (Short-Term Capital Gains, STCG) पर 15-20% टैक्स लगता है।

क्यों लोग बैंक अकाउंट में ज्यादा फंड रखने से कतराते हैं?

बैंकर पिछले कुछ समय से इन दोनों वित्तीय साधनों के बीच समानता की मांग कर रहे हैं और जमा राशि जुटाने में आ रही चुनौतियों के कारण अब यह मांग और तेज हो गई है। कई बैंकरों का कहना है कि बचतकर्ता अब काफी समझदार हो गए हैं और वे बैंक खातों में केवल मिनिमम बैलेंस ही रख रहे हैं। वे बेहतर रिटर्न पाने के लिए एक्स्ट्रा फंड को इक्विटी में लगाना पसंद कर रहे हैं। इससे बैंकों के पास कर्ज देने के लिए उपलब्ध संसाधनों में कमी आती है और अक्सर उन्हें कर्ज की मांग को पूरा करने के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश का सहारा लेना पड़ता है या मुद्रा बाजारों से उधार लेना पड़ता है।

भाषा इनपुट के साथ
ELSS
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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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