return to news
  1. Wipro Crash: तिमाही नतीजों के बाद 7% की बड़ी गिरावट, कमजोर रेवेन्यू आउटलुक और सुस्त डील ने बढ़ाई चिंता

मार्केट न्यूज़

Wipro Crash: तिमाही नतीजों के बाद 7% की बड़ी गिरावट, कमजोर रेवेन्यू आउटलुक और सुस्त डील ने बढ़ाई चिंता

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 19, 2026, 12:31 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Wipro ने Q3 FY26 में ₹3,145 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह मुनाफा पिछली तिमाही से 3.5% कम और पिछले साल की इसी तिमाही से 6.5% कम है। मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह नए लेबर कोड्स लागू होने से बढ़ा खर्च बताया गया। यानी कर्मचारियों से जुड़े नियम बदलने से कंपनी का खर्च बढ़ गया।

शेयर सूची

Wipro

Wipro का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6% रहा, जो उम्मीद से बेहतर था।

आईटी सेक्टर की कंपनी Wipro के शेयरों में आज 19 जनवरी को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। इस समय यह स्टॉक BSE पर 7.11 फीसदी की गिरावट के साथ 248.25 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा है। वहीं इंट्राडे में यह स्टॉक करीब 10 फीसदी लुढ़क गया था। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिल रही है। आज की गिरावट के साथ इसका मार्केट कैप घटकर 2.60 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 324.55 रुपये और 52-वीक लो 225.05 रुपये है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

Wipro के तिमाही नतीजे

Wipro ने Q3 FY26 में ₹3,145 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह मुनाफा पिछली तिमाही से 3.5% कम और पिछले साल की इसी तिमाही से 6.5% कम है। मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह नए लेबर कोड्स लागू होने से बढ़ा खर्च बताया गया। यानी कर्मचारियों से जुड़े नियम बदलने से कंपनी का खर्च बढ़ गया। Q3 में Wipro की रेवेन्यू ₹23,555.8 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 3.7% ज्यादा और सालाना आधार पर 5.5% ज्यादा है।

एक पॉजिटिव बात यह रही कि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6% रहा, जो उम्मीद से बेहतर था। मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 0.9% बढ़ा और सालाना आधार पर भी थोड़ा सुधरा। IT Services का EBIT margin भी 17.6% रहा, जो वन-टाइम खर्च और रिस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट के बावजूद बना रहा।

गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता

असली चिंता की वजह बनी Q4 FY26 की गाइडेंस। Wipro ने कहा कि अगली तिमाही में revenue 0 से 2% ही बढ़ सकता है। Analysts को इससे ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद थी। कंपनी ने बताया कि डिमांड अभी कमजोर है, वर्किंग डेज कम हैं और कई बड़े डील के प्रोजेक्ट रैंप-अप में देरी हो रही है। यही बात बाजार को पसंद नहीं आई।

Deal एक्टिविटी की बात करें तो Q3 में Wipro ने कुल $3.34 बिलियन के deals साइन किए, जो पिछले 6 तिमाहियों में सबसे कम है। बुक-टू-बिल रेशियो करीब 1.3x रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डील्स रेवेन्यू में धीरे-धीरे बदल रहे हैं, जो चिंता की बात है। US market में भी इसका असर दिखा और Wipro के ADR शेयर करीब 7% गिर गए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कमजोर डील बुकिंग और प्रोजेक्ट में देरी की वजह से FY27 की ग्रोथ विजिबिलिटी भी कमजोर दिख रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

अगला लेख