return to news
  1. Stock Market: लगातार 3 दिनों की गिरावट का सिलसिला थमा, रिकवरी के लिए जिम्मेदार हैं ये 5 फैक्टर्स

मार्केट न्यूज़

Stock Market: लगातार 3 दिनों की गिरावट का सिलसिला थमा, रिकवरी के लिए जिम्मेदार हैं ये 5 फैक्टर्स

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 16, 2026, 13:05 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Stock Market: 3 दिनों की गिरावट के बदा आज इन्वेस्टर्स ने पिटे हुए स्टॉक्स खरीदे। इस दौरान रियल्टी, फार्मा और FMCG शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी देखी गई। शुक्रवार को, सेंसेक्स 1,048.16 पॉइंट्स गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 336.10 पॉइंट्स गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ था।

Stock Market

Stock Market: कई कंपनियों ने FY26 के Q3 के अच्छे रिजल्ट्स घोषित किए।

Stock Market: लगातार 3 दिनों की गिरावट के बाद आज 16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी हो रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में 356 अंकों की तेजी देखी गई और यह 82,982.71 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 120 अंक उछलकर 25,590.90 के लेवल पर पहुंच गया। हालांकि शुरुआती कारोबार में बाजार लाल निशान पर ट्रेड कर रहा था लेकिन कुछ सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग से मार्केट को गिरावट से उबरने में मदद मिली। यहां हम समझेंगे आज शेयर बाजार में तेजी के पीछे कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

वैल्यू बाइंग

3 दिनों की गिरावट के बदा आज इन्वेस्टर्स ने पिटे हुए स्टॉक्स खरीदे। इस दौरान रियल्टी, फार्मा और FMCG शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी देखी गई। शुक्रवार को, सेंसेक्स 1,048.16 पॉइंट्स गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 336.10 पॉइंट्स गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ था। ऐसे में निवेशकों ने गिरावट पर खरीदारी का फैसला किया।

मिले-जुले ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। हैंग सेंग इंडेक्स 0.4 फीसदी बढ़ा, जबकि निक्केई 225 सपाट रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के कारण बंद थे। शुक्रवार को US इक्विटी मिले-जुले नोट पर बंद हुए।

पॉजिटिव कॉर्पोरेट अर्निंग्स

कई कंपनियों ने FY26 के Q3 के अच्छे रिजल्ट्स घोषित किए। Torrent Pharma के नेट प्रॉफिट में 26% की बढ़ोतरी हुई, और NBCC के प्रॉफिट में 39% की बढ़ोतरी हुई, जिससे इन खास स्टॉक्स में इन्वेस्टर्स का सेंटिमेंट बढ़ा।

WPI इन्फ्लेशन डेटा

जनवरी में भारत का होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) इन्फ्लेशन 1.81% बताया गया, जिससे इन्वेस्टर्स को कुछ मैक्रोइकॉनॉमिक क्लैरिटी मिली। सरकार की ओर से पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की खुदरा महंगाई दर जनवरी में बढ़कर 2.75 प्रतिशत हो गई।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों के निर्धारण के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का आधार बनाता है। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अभी तक नीतिगत दर रेपो में 1.25 फीसदी की कटौती है जो अब 5.5 फीसदी है।

रुपये की चाल

विदेशी फंड के निकलने और डॉलर के मजबूत होने के बीच शुरुआती कारोबार में रुपया US डॉलर के मुकाबले 1 पैसे गिरकर 90.67 पर आ गया। फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और फॉरेक्स रिज़र्व में गिरावट का भी लोकल यूनिट पर असर पड़ा। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में, रुपया डॉलर के मुकाबले 90.67 पर गिरने से पहले 90.63 पर खुला।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

अगला लेख