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Stock Market: ट्रंप के नए टैरिफ ने फिर बिगाड़ा बाजार का मूड, इन 5 कारणों से बढ़ी बिकवाली

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 13, 2026, 12:44 IST

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सारांश

Stock Market: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। सोमवार को उन्होंने करीब 3638 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। यह लगातार छठा सत्र रहा जब FII ने बिकवाली की।

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Stock Market: जब विदेशी पैसा बाहर जाता है तो बाजार पर दबाव बनता है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 13 जनवरी को एक बार फिर बिकवाली का दबाव है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 300 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 83558.01 के स्तर पर आ गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 61.15 अंकों की कमजोरी के साथ 25728 के लेवल पर बंद हुआ। दरअसल, विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार निकासी और ब्लू-चिप शेयरों में बिकवाली के बीच मार्केट का सेंटीमेंट खराब हुआ है।
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सुबह के कारोबार में जब बाजार करीब 0.5 फीसदी चढ़ गया, तो निवेशकों ने पहले से खरीदे गए शेयरों में मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इससे बिकवाली बढ़ी। यहां बाजार में गिरावट के 4 बड़े कारण बताए गए हैं।

FIIs की बिकवाली जारी

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है। विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। सोमवार को उन्होंने करीब 3638 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। यह लगातार छठा सत्र रहा जब FII ने बिकवाली की। जब विदेशी पैसा बाहर जाता है तो बाजार पर दबाव बनता है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है।

डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए टैरिफ का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा। इससे भारत, चीन और यूएई जैसे देशों पर असर पड़ सकता है जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं। इस बयान से वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ी और बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भू-राजनीतिक घटनाएं और ट्रंप के बयान आगे भी बाजार को प्रभावित करते रहेंगे। टैरिफ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की नीति ने पहले ही वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुंचाया है और ईरान को लेकर नया बयान इस बात का संकेत है कि यह नीति आगे भी जारी रह सकती है।

IT सेक्टर के कमजोर नतीजे

दिसंबर तिमाही में आईटी सेक्टर के कमजोर नतीजे रहे। आईटी शेयरों पर दबाव देखने को मिला क्योंकि टीसीएस का दिसंबर तिमाही का मुनाफा करीब 14 फीसदी घट गया। वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शुद्ध मुनाफा भी करीब 11 फीसदी गिरा। कमजोर नतीजों से आईटी सेक्टर में बिकवाली बढ़ी और इसका असर पूरे बाजार पर पड़ा।

Nifty की वीकवी एक्सपायरी

आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है। मंगलवार को निफ्टी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी होती है। ऐसे दिनों में ट्रेडर्स अपनी पोजिशन काटते या आगे के लिए रोलओवर करते हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव यानी वोलैटिलिटी बढ़ जाती है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दिख रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 0.3 फीसदी बढ़कर 64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत तेल आयात पर निर्भर देश है, इसलिए तेल की कीमतें बढ़ने से व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने की चिंता होती है, जो बाजार के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।

एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स भी करीब 0.3 फीसदी नीचे थे, जिससे संकेत मिला कि वॉल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है। इन वैश्विक संकेतों का असर भी घरेलू बाजार की धारणा पर पड़ा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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