मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड January 21, 2026, 11:50 IST
सारांश
Stock Market: BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप आज 21 जनवरी को घटकर 4,51,36,027.79 करोड़ रुपये रह गया। यह 2 जनवरी को 4,81,24,779.35 करोड़ रुपये था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले 12 कारोबारी दिनों में 29.88 लाख करोड़ रुपये घट गया।

Stock Market: बाजार में इस गिरावट के पीछे जियो पॉलिटिकल टेंशन एक अहम वजह है।
BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप आज 21 जनवरी को घटकर 4,51,36,027.79 करोड़ रुपये रह गया। यह 2 जनवरी को 4,81,24,779.35 करोड़ रुपये था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले 12 कारोबारी दिनों में 29.88 लाख करोड़ रुपये घट गया। इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में इस भारी बिकवाली की बड़ी वजहें क्या हैं। आइए जानते हैं बाजार में इस भारी बिकवाली के पीछे की वजह क्या है।
बाजार में इस गिरावट के पीछे जियो पॉलिटिकल टेंशन एक अहम वजह है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। ग्रीनलैंड को लेकर बयान और यूरोप के देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से ट्रेड वॉर की आशंका फिर से बढ़ गई है। इससे निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोना और बॉन्ड की तरफ जाने लगे हैं और शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त दबाव है। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1.50 फीसदी लुढ़क गया है। PSU के साथ ही प्राइवेट बैंक के शेयरों में भी भारी गिरावट दिख रही है। ICICI Bank, HDFC Bank, SBI और PNB जैसे बड़े बैंक शेयर 2 फीसदी तक टूट गए। बैंकिंग शेयर बाजार का बड़ा हिस्सा होते हैं, इसलिए इनमें गिरावट का सीधा असर पूरे बाजार पर पड़ता है। इसके अलावा NSE पर IT, मीडिया, रियल्टी, ऑटो समेत सभी इंडेक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं।
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने लगातार तीसरी बार डोनाल्ट ट्रंप के टैरिफ पर फैसला टाल दिया। इसके पहले 9 और 14 जनवरी को भी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर कोई फैसला नहीं सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि ट्रंप का टैरिफ वैलिड है या नहीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर फैसला बाजार के खिलाफ आता है, तो बाजार की चाल अचानक बदल सकती है, हालांकि इसके समय और नतीजे को लेकर अभी साफ तस्वीर नहीं है।
विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। जनवरी महीने में अब तक FIIs लगभग हर दिन शेयर बेच रहे हैं। मंगलवार को ही उन्होंने करीब 2,938 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। पूरे महीने में सिर्फ एक दिन, यानी 2 जनवरी को, FIIs ने खरीदारी की थी। लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
कई कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। इनमें RIL से लेकर Wipro और ICICI Bank जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इसके चलते पूरे शेयर बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है।
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपया 31 पैसे गिरकर 1 डॉलर के मुकाबले 91.28 पर आ गया। इसकी वजह डॉलर की लगातार मजबूत मांग, वैश्विक अनिश्चितता और भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का पैसा निकलना है। जब विदेशी निवेशक पैसा निकालते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत भी एक वजह है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया, जापान और हॉन्गकॉन्ग के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिका में भी बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। Nasdaq, S&P 500 और Dow Jones जैसे बड़े इंडेक्स एक ही दिन में तेजी से टूटे, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल बन गया।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
संबंधित समाचार
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।
लेखकों के बारे में

अगला लेख
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।