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4 min read | अपडेटेड November 24, 2025, 09:15 IST
सारांश
HAL तेजस एक भारतीय एकल-इंजन, डेल्टा विंग डिजाइन वाला 4.5-पीढ़ी का मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा डेवलप किया गया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए निर्मित किया गया है।
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HAL के शेयरों में क्यों आज दिख सकती है हलचल?
HAL Share Price: शुक्रवार को हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद आज Hindustan Aeronautics (HAL) के शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल रही है। HAL के शेयरों में आज करीब 3.7% की गिरावट देखने को मिली। इस तरह से शेयरों में करीब 170 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान Indian Air Force (IAF) का एक तेजस लड़ाकू विमान क्रैश हो गया था। इस लड़ाकू विमान में बैठे इकलौते पायलट का निधन हो गया था। दो साल से भी कम समय में स्वदेशी मल्टी-रोल हल्के लड़ाकू विमान से जुड़ी यह दूसरी दुर्घटना थी। HAL तेजस एक भारतीय एकल-इंजन, डेल्टा विंग डिजाइन वाला 4.5-पीढ़ी का मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा डेवलप किया गया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए निर्मित किया गया है। रिपोर्ट्स की माने तो, तेजस ने 2001 में अपनी पहली उड़ान भरी थी और 2015 में इसे भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। तेजस का पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन 2016 में बनाया गया था, जिसमें नंबर 45 स्क्वाड्रन आईएएफ - फ्लाइंग डैगर्स - मिग-21 बाइसन से तेजस में ट्रांजिशन होने वाला पहला स्क्वाड्रन था।
तेजस का निर्माण एल्युमीनियम-लिथियम मिश्रधातुओं, टाइटेनियम मिश्रधातुओं और कार्बन-फाइबर मिश्रित सामग्रियों के कॉम्बिनेशन से किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मिश्रित सामग्रियां भार के हिसाब से एयरफ्रेम का 45% और सतह क्षेत्रफल के हिसाब से 90% बनाती हैं, जो समकालीन विमानों में सबसे अधिक है। यह अपनी कैटेगरी का सबसे छोटा और सबसे हल्का सुपरसोनिक लड़ाकू विमान भी बताया गया है।
दुर्घटना के बाद अपने नोट में, एलारा कैपिटल ने कहा कि लड़ाकू विमानों से जुड़ी दुर्घटनाएं असामान्य नहीं हैं, साल 2025 में 7 से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें पिछले एक दशक में दो F-35 और 100 से अधिक एयर-शो दुर्घटनाएं शामिल हैं। रिसर्च फर्म ने आगे कहा कि तेजस Mk1 को जमीन पर उतारने की संभावना नहीं है, क्योंकि यह घटना एक एयरशो के दौरान हुई थी, न कि मिशन मोड में। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) भारत का प्रमुख विमान निर्माता बना हुआ है, जिसके पास लॉन्ग-टर्म ऑर्डर की प्रबल संभावना है, हालांकि निकट भविष्य में कीमतों में नरमी संभव है।
सितंबर 2025 के अंत में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सीएमडी, डीके सुनील ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया था कि रक्षा मंत्रालय द्वारा 97 तेजस लड़ाकू विमानों के ऑर्डर से विमानन कंपनी की ऑर्डर बुक फाइनेंशियल ईयर 2027 तक 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। सीएमडी ने कहा कि कंपनी ने अतिरिक्त 113 इंजनों के लिए जीई के साथ प्राइस नेगोसिएशन पूरी कर ली है, और अंतिम कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर में साइन होने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा कि 28 संस्थाओं ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम पर एचएएल के साथ सहयोग करने में रुचि जताई है, और पब्लिक सेक्टर की कंपनी अगले 30 दिनों के अंदर अपने साझेदारों को अंतिम रूप देने का प्लान बना रही है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) बेंगलुरु स्थित एक सरकारी स्वामित्व वाली एयरोस्पेस और रक्षा कंपनी है। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित एक पब्लिक सेक्टर का उपक्रम है। हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड की स्थापना दिसंबर 1940 में वालचंद हीराचंद ने की थी। सरकार ने 1941 में HAL में एक-तिहाई हिस्सेदारी हासिल कर ली। HAL द्वारा निर्मित HT-2 ट्रेनर विमान ने अगस्त 1951 में अपनी पहली उड़ान भरी। सरकार ने मिग-21 विमानों का प्रोडक्शन शुरू करने के लिए अगस्त 1963 में एयरोनॉटिक्स इंडिया लिमिटेड (AIL) की स्थापना की। अक्टूबर 1964 में, हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड का एयरोनॉटिक्स इंडिया लिमिटेड में विलय हो गया, जिसके परिणामस्वरूप HAL का गठन हुआ, जिसे आज HAL के नाम से जाना जाता है।
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