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  1. फंड जुटाने के लिए वेदांता ने चला बड़ा दांव, जुटाएगी ₹3000 करोड़ की मोटी रकम, ये है प्लान

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फंड जुटाने के लिए वेदांता ने चला बड़ा दांव, जुटाएगी ₹3000 करोड़ की मोटी रकम, ये है प्लान

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 25, 2026, 13:41 IST

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सारांश

माइनिंग दिग्गज वेदांता लिमिटेड ने बाजार से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा ऐलान किया है । कंपनी के बोर्ड ने आज 25 फरवरी को हुई मीटिंग में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है । यह पैसा प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए इकट्ठा किया जाएगा।

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वेंदाता से जुड़ी बड़ी खबर आई सामने

माइनिंग और मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने आज बाजार में एक बहुत बड़ी घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड द्वारा गठित कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स ने आज यानी बुधवार 25 फरवरी को हुई अपनी अहम बैठक में 3,000 करोड़ रुपये का मोटा फंड जुटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। यह भारी भरकम पैसा नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी एनसीडी (NCD) जारी करके जुटाया जाएगा। कंपनी के इस फैसले से पूरे इंडस्ट्री में हलचल मच गई है क्योंकि इतनी बड़ी पूंजी जुटाना कंपनी के भविष्य के ऑपरेशन्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूती मिलेगी।

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फंड जुटाने का क्या है पूरा प्लान?

कमेटी की इस बैठक में फंड जुटाने के पूरे ढांचे पर विस्तार से विचार किया गया। वेदांता की ओर से शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी कुल 3,00,000 एनसीडी जारी करने की योजना बना रही है। इनमें से हर एक डिबेंचर की फेस वैल्यू 1,00,000 रुपये तय की गई है। इस तरह कंपनी बाजार से कुल 3,000 करोड़ रुपये तक का फंड इकट्ठा करेगी। यह पूरी प्रक्रिया प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर होगी, जिसका मतलब है कि ये एनसीडी आम जनता के लिए नहीं बल्कि चुनिंदा बड़े संस्थानों या निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे। इस मीटिंग की शुरुआत सुबह 11:30 बजे हुई थी और यह दोपहर 12:40 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

कंपनी जो एनसीडी जारी कर रही है, उनकी कुछ खास तकनीकी विशेषताएं भी बताई गई हैं। ये डिबेंचर पूरी तरह से अनसेक्योर्ड, रेटेड और लिस्टेड होंगे, जिन्हें बाद में भुनाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि ये शेयर बाजार के नियमों के तहत पूरी तरह पारदर्शी होंगे। कंपनी ने इन डिबेंचर्स को बीएसई लिमिटेड (BSE) पर लिस्ट कराने का फैसला लिया है। हालांकि इन पर मिलने वाले ब्याज यानी कूपन रेट और मैच्योरिटी की तारीखों के बारे में पूरी डीटेल कंपनी के आने वाले डिस्क्लोजर डॉक्यूमेंट में दी जाएगी। कंपनी ने रेगुलेटर्स को यह भी भरोसा दिया है कि फिलहाल ब्याज या मूल रकम चुकाने में कोई देरी नहीं हुई है और कंपनी का पिछला रिकॉर्ड पूरी तरह साफ बना हुआ है।

फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

वेदांता लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी के लिए इस फंड का इस्तेमाल बहुत अहम हो सकता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी इस पैसे का उपयोग अपने पुराने कर्ज को कम करने या नए प्रोजेक्ट्स के इंप्लिमेंटेशन के लिए कर सकती है। माइनिंग सेक्टर में ऑपरेशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय-समय पर भारी पूंजी की जरूरत होती है। ऐसे में 3,000 करोड़ रुपये का यह नया फंड कंपनी के कैश फ्लो को बढ़ाने में बड़ी मदद करेगा। कंपनी के इस फैसले से आने वाले समय में उसके रेवेन्यू और कंसोलिडेटेड मुनाफे पर भी अच्छा असर पड़ सकता है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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