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3 min read | अपडेटेड February 24, 2026, 10:41 IST
सारांश
टाटा स्टील लुधियाना में अपना नया प्लांट मार्च से शुरू करने जा रही है। पंजाब के सीएम भगवंत मान के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में निवेश बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गया है। 115 एकड़ में फैले इस प्लांट से 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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टाटा स्टील लुधियाना में इको-फ्रेंडली तकनीक के साथ अपना नया स्टील प्लांट शुरू करने के लिए तैयार है।
टाटा स्टील के निवेशकों और पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को ऐलान किया कि टाटा स्टील लुधियाना में अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का ऑपरेशन मार्च से शुरू कर देगी। लुधियाना के हाई-टेक वैली के पास बन रहा यह प्लांट पंजाब में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट पंजाब सरकार की नीतियों और सुशासन में उद्योग जगत के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
टाटा स्टील का यह प्रोजेक्ट लुधियाना में 115 एकड़ में फैला हुआ है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए 2,600 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया था, जो अब बढ़कर 3,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सीएम मान ने बताया कि इस प्लांट के चालू होने से पंजाब के करीब 2,500 युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह फैक्ट्री न केवल पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। पंजाब सरकार ने इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए पूरा सहयोग दिया है और भविष्य में विस्तार के लिए भी समर्थन का भरोसा दिलाया है।
इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक तकनीक है। लुधियाना का यह प्लांट पूरी तरह से स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल करेगा। यहाँ 'इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस' (Electric Arc Furnace) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो पारंपरिक तरीकों के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करती है। यह प्लांट सालाना 0.75 मिलियन टन स्टील बनाने की क्षमता रखेगा और इसमें एक रीबार मिल (Rebar Mill) भी शामिल होगी। जमशेदपुर के बाद यह टाटा स्टील का भारत में दूसरा सबसे बड़ा प्लांट होगा।
टाटा स्टील ग्रुप दुनिया की दिग्गज स्टील कंपनियों में शामिल है, जिसकी सालाना कच्चा स्टील उत्पादन क्षमता 35 मिलियन टन है। हाल ही में जारी किए गए दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। टाटा स्टील का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा कई गुना बढ़कर 2,730.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह महज 295.49 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 57,503.49 करोड़ रुपये हो गई है। मुनाफे में आई यह भारी उछाल कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाती है।
टाटा स्टील अपने सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए लगातार विस्तार कर रही है। दिसंबर 2025 में, कंपनी ने ओडिशा स्थित त्रिवेणी पेलेट्स प्राइवेट लिमिटेड (TPPL) में 50.01% की बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है। टीपीपीएल के पास ब्राह्मणी रिवर पेलेट लिमिटेड (BRPL) का मालिकाना हक है, जो सालाना 4 मिलियन टन क्षमता का पेलेट प्लांट संचालित करती है। इस अधिग्रहण से टाटा स्टील को कच्चे माल की आपूर्ति में बड़ी मदद मिलेगी। भारत में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास जैसे हाईवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स के बीच टाटा स्टील अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है।
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