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4 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 10:02 IST
सारांश
सुदीप फार्मा का आईपीओ बंद हो चुका है और इसे निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अगर आप इसमें पैसा लगाने से चूक गए हैं, तो लिस्टिंग वाले दिन की रणनीति अभी से बना लें। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी अच्छे मुनाफे के संकेत दे रहा है। जानिए कंपनी की लिस्टिंग डेट और अन्य जरूरी डीटेल्स।

सुदीप फार्मा आईपीओ की लिस्टिंग और जीएमपी से जुड़ी पूरी जानकारी। | Image: Sudeeppharma.com
Sudeep Pharma IPO: सुदीप फार्मा का आईपीओ अब सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो चुका है। जिन निवेशकों ने इसमें पैसा लगाया है, उन्हें या तो शेयर अलॉट कर दिए गए होंगे या फिर उनका नाम अलॉटमेंट में नहीं आया होगा। लेकिन यहां कई ऐसे भी साथी होंगे जो किसी कारण से इस आईपीओ में पैसा नहीं लगा पाए। अब उनके मन में यह सवाल है कि क्या लिस्टिंग के बाद इस शेयर को खरीदना सही रहेगा। कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में एंट्री 28 नवंबर को होने वाली है। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट का हाल जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे मुनाफे का अंदाजा लगता है। जो लोग आईपीओ मिस कर गए हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि क्या लिस्टिंग के बाद इसमें खरीदारी करना समझदारी होगी या नहीं।
इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त साथ मिला है। यह इश्यू कुल मिलाकर लगभग 93 गुना सब्सक्राइब हुआ है। सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी ने दिखाई है, जिन्होंने अपने कोटे को 213 गुना से ज्यादा भरा है। इसके बाद नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनII का नंबर आता है, जिन्होंने 116 गुना बोली लगाई है। रिटेल निवेशकों ने भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और उनका हिस्सा करीब 15 गुना भरा है। आईपीओ का अलॉटमेंट 26 नवंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन लोगों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनका पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।
अब बात करते हैं कमाई की, जिस पर सबकी नजर टिकी होती है। सुदीप फार्मा के शेयर ग्रे मार्केट में ठीक ठाक प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इसका जीएमपी 90 रुपये चल रहा है। आईपीओ का प्राइस बैंड 593 रुपये तय किया गया था। अगर इसी जीएमपी के हिसाब से देखें तो शेयर की लिस्टिंग 683 रुपये के आसपास हो सकती है। इसका मतलब है कि निवेशकों को पहले ही दिन करीब 15 फीसदी का मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी में रोज बदलाव होता रहता है, इसलिए लिस्टिंग वाले दिन यह आंकड़ा ऊपर या नीचे भी जा सकता है।
सुदीप फार्मा लिमिटेड साल 1989 से काम कर रही है। यह कंपनी दवाइयों और खाने पीने की चीजों में इस्तेमाल होने वाले खास मिनरल्स और सामग्री बनाती है। इनका कारोबार दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। कंपनी के पास छह मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं, जिनकी कुल क्षमता 50 हजार मीट्रिक टन है। इनके पास फाइजर, मैनकाइंड फार्मा और इंटास जैसे बड़े ग्राहक हैं। कंपनी मुख्य रूप से कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे मिनरल्स पर काम करती है। कंपनी के पास अपनी खुद की रिसर्च लैब भी है जो नए प्रोडक्ट बनाने में मदद करती है।
कंपनी की माली हालत पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में इसने अच्छी ग्रोथ दिखाई है। वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी की आय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और मुनाफा भी 4 फीसदी बढ़ा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि कंपनी ने आईपीओ का प्राइस थोड़ा महंगा रखा है। वित्तीय आंकड़ों के हिसाब से यह इश्यू एग्रेसिव प्राइस पर लाया गया है। कंपनी आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल नई मशीनरी खरीदने के लिए करेगी। बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है और इसके पास ग्राहकों की लंबी लिस्ट है। जो निवेशक आईपीओ में पैसा नहीं लगा पाए, वे लंबी अवधि के लिए लिस्टिंग के बाद विचार कर सकते हैं।
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