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Stocks To Watch: सेंसेक्स की गिरावट से डरें या नहीं... बजट के अगले दिन फोकस में रह सकते हैं इन 7 सेक्टर के स्टॉक्स

Upstox

4 min read | अपडेटेड February 02, 2026, 11:27 IST

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सारांश

बजट 2026 के बाद दलाल स्ट्रीट पर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स चर्चा में रहने वाले हैं। सरकार ने डिफेंस के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है, जबकि डेटा सेंटर्स के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे का प्रस्ताव दिया है। टैक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी नई योजनाओं से बड़ा सहारा मिला है।

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Stocks to Watch Today 2 feb

आज इन स्टॉक्स पर रहेगी फोकस

Stocks To Watch: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना नौवां बजट पेश किया। बजट के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई, लेकिन अब निवेशकों का ध्यान उन सेक्टर्स पर चला गया है जिन्हें सरकार ने आने वाले सालों के लिए खास प्राथमिकता दी है। सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो कई कंपनियों के शेयरों में बजट के फैसलों का असर साफ तौर पर दिखाई देगा। इस बार के बजट में डिफेंस, टेक्सटाइल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं।
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कैसा है आज बाजार का हाल?

02 फरवरी को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त और मिले-जुले रुख के साथ हुई। निफ्टी 50 हल्की गिरावट के साथ 24,796.50 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 24,792 के आसपास फिसलता दिखा। बैंकिंग शेयरों में भी दबाव नजर आया, जिससे निफ्टी बैंक 58,239.30 पर कमजोर शुरुआत के बाद 58,296 के स्तर पर कारोबार करता रहा। वहीं बीएसई सेंसेक्स ने लगभग सपाट रुख दिखाते हुए 80,555.68 पर ओपनिंग की और शुरुआती सत्र में मामूली बढ़त के साथ 80,732 के आसपास कारोबार करता नजर आया। कुल मिलाकर बाजार में शुरुआत में सतर्कता और सीमित उतार-चढ़ाव का माहौल रहा।

शेयर बाजार पर बजट का पहला असर

बजट वाले दिन यानी 1 फरवरी को बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स करीब 1,547 अंक गिरकर 80,722 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी 495 अंकों की गिरावट आई। इस गिरावट की मुख्य वजह सरकार द्वारा फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाना रही। फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस पर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे ट्रेडिंग की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर ब्रोकरेज और एक्सचेंज से जुड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है।

डिफेंस सेक्टर के लिए रिकॉर्ड फंड

सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है, जिसमें 2.19 लाख करोड़ रुपये सिर्फ आधुनिकीकरण और नए हथियारों की खरीद के लिए रखे गए हैं। फाइटर जेट, पनडुब्बी और मिसाइल सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए यह बड़ी खबर है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और मझगांव डॉक जैसे शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। सरकार का जोर 'मेक इन इंडिया' के तहत स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने पर है।

टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग को मिला सहारा

बजट 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम की घोषणा की गई है। सरकार ने नेशनल फाइबर स्कीम और नई मशीनों के लिए वित्तीय मदद देने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा समर्थ 2.0 और टेक्स-इको जैसी पहलों से रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वेल्सपन लिविंग, गोकलदास एक्सपोर्ट्स और ट्राइडेंट जैसी कंपनियों को इस नीति का सीधा फायदा मिल सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी 40,000 करोड़ रुपये की योजना की बात कही गई है, जिससे डिक्सन टेक्नोलॉजीज और केन्स टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों में हलचल बढ़ सकती है।

डेटा सेंटर और हेल्थकेयर में बड़ा बदलाव

डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने डेटा सेंटर्स के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे का एलान किया है। यह विदेशी कंपनियों को भारत में क्लाउड सर्विसेज और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा। वहीं हेल्थकेयर सेक्टर में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव है। बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अपोलो हॉस्पिटल्स, फोर्टिस और बायोकॉन जैसी फार्मा कंपनियों के लिए यह बजट काफी सकारात्मक नजर आ रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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