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Stock Market Wrap: US-Iran में तनाव बरकरार, Sensex 931 अंक टूटा, Nifty 23775 पर बंद

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 09, 2026, 15:36 IST

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सारांश

आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा बिकवाली IndiGo, Larsen and Toubro, HDFC Bank, Eternal और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयरों में रही। दूसरी तरफ BEL, TCS, Power Grid, NTPC और Tech Mahindra जैसे शेयर टॉप गेनर्स रहे।

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Stock Market: आज NSE पर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है।

Stock Market: सीजफायर के बावजूद मिडिल-ईस्ट में तनाव जारी रहने का असर आज 09 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। आज के कारोबार में BSE Sensex में 931.25 अंकों की गिरावट आई और यह 76,631.65 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 222.25 अंक टूटकर 23775.10 के लेवल पर बंद हुआ है। क्रूड ऑयल में उछाल और रुपये में गिरावट ने भी आज बाजार पर असर डाला है।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा बिकवाली IndiGo, Larsen and Toubro, HDFC Bank, Eternal और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयरों में रही। दूसरी तरफ BEL, TCS, Power Grid, NTPC और Tech Mahindra जैसे शेयर टॉप गेनर्स रहे।

आज NSE पर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.42 फीसदी तक उछल गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.23 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

मेटल, फार्मा में खरीदारी

सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो इसका प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मेटल, फार्मा और IT समेत कई इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए हैं। दूसरी तरफ निफ्टी ऑटो, FMCG, मीडिया, PSU Bank और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में गिरावट देखी गई।

बाजार में भारी बिकवाली की क्या है वजहें

शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार रहे। सीजफायर के ऐलान के बावजूद अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेनाएं ईरान और उसके आस-पास तब तक तैनात रहेंगी जब तक कि कोई असली समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता।

इस बात को लेकर भी दोनों पक्षों में असहमति दिखी कि लेबनान सीजफायर के समझौतों में शामिल है या नहीं। ईरान चाहता है कि लेबनान पर भी हमले रुके, लेकिन इजरायल लगातार उस पर अटैक कर रहा है। इसके अलावा भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने एक मध्यस्थ के तौर पर इस्लामाबाद की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए हैं।

जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच आज क्रूड ऑयल में फिर तेजी देखी गई। दूसरी तरफ डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में गिरावट आई है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी जारी है, जिसने बाजार पर दबाव बनाया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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