return to news
  1. Stock Market Wrap: ट्रंप के टैरिफ से मार्केट क्रैश, 1065 अंक टूट गया Sensex, Nifty 25232 पर बंद

मार्केट न्यूज़

Stock Market Wrap: ट्रंप के टैरिफ से मार्केट क्रैश, 1065 अंक टूट गया Sensex, Nifty 25232 पर बंद

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड January 20, 2026, 15:38 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

आज के कारोबार में Sensex के 30 में से 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सिर्फ HDFC Bank का शेयर ही मामूली बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। जिन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई उनमें Eternal, Bajaj Finance, Sun Pharma, Bajaj Finserv और Interglobe Aviation शामिल हैं। RIL से लेकर TCS और ITC तक बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई।

Stock Market Wrap

Stock Market Wrap: शेयर बाजार में पिछले 11 में से 9 कारोबारी दिनों में गिरावट देखने को मिली है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 20 जनवरी को बिकवाली का जबरदस्त दबाव दिखा। आज के कारोबार में BSE Sensex में 1065.71 अंकों की गिरावट रही और यह इंडेक्स 82,180.47 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 353 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 25,232.50 के लेवल पर बंद हुआ है। शेयर बाजार में पिछले 11 में से 9 कारोबारी दिनों में गिरावट देखने को मिली है। मिले-जुले तिमाही नतीजों और ग्लोबल ट्रेड टेंशन की चिंताओं ने बाजार का माहौल खराब किया है।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

RIL से Bajaj Finance तक कई शेयर टूटे

आज के कारोबार में Sensex के 30 में से 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सिर्फ HDFC Bank का शेयर ही मामूली बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। जिन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई उनमें Eternal, Bajaj Finance, Sun Pharma, Bajaj Finserv और Interglobe Aviation शामिल हैं। RIL से लेकर TCS और ITC तक बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई।

मिड-स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली

आज NSE पर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव दिखा। इसके चलते आज के कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.57 फीसदी तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 2.75 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद

सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो आज बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। NSE पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी रियल्टी में रही और यह करीब 5 फीसदी तक लुढ़क गया। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, IT, मीडिया, मेटल समेत सभी इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

इंडेक्सतेजी या गिरावट
निफ्टी ऑटो-2.49%
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50-1.28%
निफ्टी FMCG-1.51%
निफ्टी आईटी-2.20%
निफ्टी मीडिया-1.91%
निफ्टी मेटल-1.94%
निफ्टी फार्मा-1.82%
निफ्टी PSU बैंक-1.44%
निफ्टी प्राइवेट बैंक-0.94%
निफ्टी रियल्टी-5.33%
निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स-2.12%
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स-2.74%
निफ्टी ऑयल एंड गैस-1.76%
निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर-2.09%
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (एक्स-बैंक)-2.57%
निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज-2.40%
निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम-2.43%
निफ्टी केमिकल्स-2.90%
निफ्टी 500 हेल्थकेयर-2.06%

बाजार में गिरावट की क्या है वजह?

शेयर बाजार में आज की गिरावट के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता एक बार फिर बढ़ गई है, जिससे ट्रेड वॉर की आशंकाएं लौट आई हैं। अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ने से ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने का मूड कमजोर हुआ है। निवेशकों की नजर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले पर भी बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि ट्रंप का टैरिफ वैलिड है या नहीं।

मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी भी है, जिसकी वजह से बाजार में वोलैटिलिटी ज्यादा दिखी। दिसंबर तिमाही के नतीजों से जुड़े संकेत भी मिले-जुले रहे। Wipro और ICICI Bank जैसे शेयर Q2 नतीजों के बाद बुरी तरह टूट गए। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। इसके अलावा रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल में तेजी ने भी सेंटीमेंट खराब किया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

अगला लेख