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  1. Stock Market: STT में बढ़ोतरी ने बिगाड़ा बाजार का मूड, Sensex-Nifty में भारी बिकवाली के बाद रिकवरी

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Stock Market: STT में बढ़ोतरी ने बिगाड़ा बाजार का मूड, Sensex-Nifty में भारी बिकवाली के बाद रिकवरी

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 13:48 IST

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सारांश

Stock Market: सरकार ने बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है। फ्यूचर्स पर STT अब 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया है। यानी करीब 150% की बढ़ोतरी। वहीं ऑप्शंस पर STT 0.1% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है, जो लगभग 50% ज्यादा है।

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Stock Market: STT यानी Securities Transaction Tax एक ऐसा टैक्स है जो शेयर बाजार में हर खरीद–बिक्री पर लगता है।

Stock Market: बजट 2026 की घोषणाओं के बाद भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है। इस खबर के बीच BSE Sensex में आज इंट्राडे में 2370 प्वाइंट्स तक की गिरावट देखी गई और यह 79899.42 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 750 अंक टूटकर 24571.75 के स्तर तक आ गया।
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हालांकि, बाजार ने बाद में मजबूत रिकवरी भी दिखाई है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय सेंसेक्स में सिर्फ 473.33 अंकों की गिरावट थी और यह 81827.48 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 192.25 अंक टूटकर 25121.30 के स्तर ट्रेड कर रहा था।

STT में बढ़ोतरी की घोषणा

सरकार ने बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है। फ्यूचर्स पर STT अब 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया है। यानी करीब 150% की बढ़ोतरी। वहीं ऑप्शंस पर STT 0.1% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है, जो लगभग 50% ज्यादा है। इसका सीधा मतलब है कि डेरिवेटिव ट्रेडिंग अब पहले से महंगी हो जाएगी।

क्या होता है STT

STT यानी Securities Transaction Tax एक ऐसा टैक्स है जो शेयर बाजार में हर खरीद–बिक्री पर लगता है, चाहे आपको फायदा हो या नुकसान। यह इक्विटी, म्यूचुअल फंड, फ्यूचर्स और ऑप्शंस सभी पर लागू होता है। भारत में STT की शुरुआत 1 अक्टूबर 2004 को हुई थी। तब इसका मकसद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटाकर टैक्स सिस्टम को आसान बनाना था। हालांकि 2018 में सरकार ने LTCG टैक्स फिर से लागू कर दिया, लेकिन STT भी बना रहा।

मेटल और PSU बैंक इंडेक्स में 3% की गिरावट

सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो आज ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दिख रही है। हालांकि, मेटल और PSU बैंक इंडेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। इसके अलावा ऑटो, FMCG, मीडिया, रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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