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  1. Stock Market: पिछले 12 दिन में 3% से अधिक उछला मार्केट, फेड रेड कट समेत इन 4 फैक्टर्स ने बाजार में फूंकी जान

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Stock Market: पिछले 12 दिन में 3% से अधिक उछला मार्केट, फेड रेड कट समेत इन 4 फैक्टर्स ने बाजार में फूंकी जान

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 18, 2025, 12:20 IST

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सारांश

Stock Market: पिछले 12 कारोबारी दिनों की बात करें तो सिर्फ एक दिन ही ऐसा रहा, जब Sensex की नेगेटिव क्लोजिंग हुई है। इस तरह पिछले 12 दिनों में Sensex करीब 3.60 फीसदी भाग चुका है। इसी अवधि के दौरान Nifty 50 इंडेक्स में भी करीब 3.20 फीसदी की रैली देखी गई। आइए जानते हैं, इस रैली की वजह क्या है।

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Stock Market: अमेरिका से आई अच्छी खबर ने आज निवेशकों की IT शेयरों में दिलचस्पी बढ़ा दी है।

Stock Market: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती का ऐलान कर दिया है, जिसका असर आज 18 सितंबर को शेयर बाजार पर दिख रहा है। आज शुरुआती कारोबार में BSE Sensex में करीब 450 अंकों की शानदार तेजी देखी गई और यह 83141.21 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। दूसरी तरफ, Nifty 50 में भी आज 118 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 25448.95 के आसपास ट्रेड कर रहा है। अमेरिका से आई अच्छी खबर ने आज निवेशकों की IT शेयरों में दिलचस्पी बढ़ा दी है।
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आज शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी नजर आ रही है। पिछले 12 कारोबारी दिनों की बात करें तो सिर्फ एक दिन ही ऐसा रहा, जब Sensex की नेगेटिव क्लोजिंग हुई है। इस तरह पिछले 12 दिनों में Sensex करीब 3.60 फीसदी भाग चुका है। इसी अवधि के दौरान Nifty 50 इंडेक्स में भी करीब 3.20 फीसदी की रैली देखी गई। आइए जानते हैं, इस रैली की वजह क्या है।

US फेड रेट कट का असर

निवेशकों के साथ ही एक्सपर्ट्स को भी यह उम्मीद थी कि खराब जॉब डेटा के बाद अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। हुआ भी यही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वॉइंट्स की कमी का ऐलान किया है, जिससे यह घटकर 4-4.25% हो गया। दिसंबर 2024 के बाद से यह अमेरिकी फेड की पहली कटौती है। वहीं, यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की पहली कटौती थी।

इतना ही नहीं, फेडरल रिजर्व ने इस साल दो और कटौती के संकेत दिए हैं। अमेरिकी फेड के इस फैसले को शेयर बाजार के लिए बेहतर माना जा रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने दरों में कटौती के पक्ष में 11-1 से मतदान किया।

फेडरल रिजर्व ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार साल की पहली छमाही में धीमी हुई है। नौकरी बढ़ने की गति कम हुई है और बेरोजगारी दर थोड़ी बढ़ी है, लेकिन अभी भी कम स्तर पर है। महंगाई (inflation) फिर से ऊपर गई है और अभी भी कुछ ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। फेड का मानना है कि रोजगार पर खतरे बढ़े हैं, इसी वजह से उसने ब्याज दरों की नीति बदली।

IT शेयरों में रैली

आज के कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी का माहौल है। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.30 फीसदी तक उछल गया। सबसे ज्यादा खरीदारी LTIMindtree में है और यह करीब 3 फीसदी उछल गया। इसके अलावा, Infosys और Wipro के शेयरों में करीब 1.90 फीसदी, Mphasis में 1.47 फीसदी और Coforge में 1.35 फीसदी की बढ़त है। HCL Tech के शेयर भी 1 फीसदी से अधिक उछल गए हैं। इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सकारात्मक बातचीत से भी मार्केट सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भारत आए अमेरिकी दल के साथ दिन भर चली बातचीत सकारात्मक रही और दोनों पक्ष समझौते को शीघ्र और पारस्परिक रूप से लाभकारी बनाने के लिए प्रयास करने पर सहमत हुए। अमेरिकी अधिकारियों के साथ दिन भर की बैठक के बाद मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को जल्द-से-जल्द पूरा करने के प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया गया है।’’

GST में सुधार

GST काउंसिल ने टैक्स स्लैब में सुदार की घोषणा की थी, जो कि 22 सितंबर से लागू होने वाला है। इसके पहले ऑटो से लेकर FMCG तक कई सेक्टर्स की कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में कटौती का ऐलान कर दिया है। टैक्स स्लैब में सुधार से डिमांड बढ़ने की उम्मीद है, जिससे इकनॉमी को गति मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इस फैसले से आम आदमी की जेब में 2 लाख करोड़ रुपये जाएंगे। इन वजहों से भी शेयर बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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