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  1. अचानक से Nifty-Sensex में क्यों आई बिकवाली? 3 प्वाइंट्स में समझिए इस गिरावट की रियल स्टोरी

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अचानक से Nifty-Sensex में क्यों आई बिकवाली? 3 प्वाइंट्स में समझिए इस गिरावट की रियल स्टोरी

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 13:00 IST

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सारांश

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी 1% से ज्यादा टूट गए। आईटी सेक्टर में एआई (AI) के डर से मची बिकवाली और हिंडाल्को के खराब नतीजों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया। सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

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शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद लाल निशान में कारोबार करते प्रमुख इंडेक्स।

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स 1 परसेंट से ज्यादा टूट गए। अभी भी यानी दोपहर 12 बजे के करीब दोनों ही इंडेक्स में एक फीसदी के करीब गिरावट नजर आ रही है। ट्रेड डील के बाद पहली बार बाजार में एक दिन में इतनी अधिक गिरावट देखी गई है। पिछले एक हफ्ते में बाजार जितना चढ़ा था, आज उससे ज्यादा नीचे आ गया। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर ये बड़ी गिरावट आज आई क्यों?

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आईटी सेक्टर बना विलेन

बाजार को नीचे खींचने में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। आईटी इंडेक्स लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद होने की राह पर दिखा। एआई (AI) आधारित ऑटोमेशन के चलते आईटी कंपनियों के पुराने बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है। इस डर की वजह से आईटी इंडेक्स आज 5 परसेंट तक लुढ़क गया। गौर करने वाली बात यह है कि साल 2026 में अब तक आईटी इंडेक्स 16.6 परसेंट टूट चुका है, जो पिछले पूरे साल की गिरावट से भी ज्यादा है। दिग्गज शेयर जैसे इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भारी बिकवाली देखी गई।

मेटल और मिडकैप का भी रहा बुरा हाल

केवल आईटी ही नहीं, बल्कि मेटल सेक्टर में भी 3 परसेंट की बड़ी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के नतीजे रहे। कंपनी के तिमाही मुनाफे में 45 परसेंट की भारी कमी आने से इसका शेयर 6 परसेंट तक टूट गया। बाजार की गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.8 से 2 परसेंट तक नीचे आ गए। बाजार में चौतरफा बिकवाली का आलम यह था कि करीब 2561 शेयर गिरकर कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल 948 शेयरों में ही तेजी देखी गई।

बढ़ता जोखिम और कमजोर रुपया

शेयर बाजार में अनिश्चितता को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) 4 परसेंट से ज्यादा बढ़कर 12.22 पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों के बीच डर और रिस्क बढ़ गया है। दूसरी तरफ, विदेशी बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय रुपया भी 8 पैसे कमजोर होकर 90.69 के स्तर पर आ गया। अमेरिकी बाजार में महंगाई के आंकड़ों से पहले टेक शेयरों में आई मंदी और ब्याज दरों में कटौती की कम होती उम्मीदों ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाने का काम किया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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