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Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट में टेंशन से शेयर बाजार का बुरा हाल, 12 दिन में डूब चुके हैं ₹34 लाख करोड़

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 09, 2026, 13:00 IST

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सारांश

BSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 कारोबारी दिनों में शेयर बाजार के निवेशकों के ₹34 लाख करोड़ डूब चुके हैं। बीते 18 फरवरी को BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,72,01,224.67 करोड़ रुपये था, जो कि आज 09 मार्च को घटकर 4,37,35,792.10 करोड़ रुपये पर आ गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों के 34.65 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं।

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बाजार में आज भी दिख रही बिकवाली

Stock Market Crash: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने दुनिया भर के शेयर बाजारों पर असर डाला है। भारत की बात करें तो पिछले 12 कारोबारी दिनों में Sensex में करीब 8.11 फीसदी या 6788 प्वॉइंट्स की गिरावट आ चुकी है। दूसरी तरफ Nifty 50 भी इस अवधि में करीब 7.50 फीसदी या 1930 प्वॉइंट्स गिर चुका है। बाजार में इस गिरावट के पीछे वैसे तो कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं, लेकिन सबसे ज्यादा असर मिडिल ईस्ट में टेंशन का हुआ है।
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग

BSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पिछले 12 कारोबारी दिनों में शेयर बाजार के निवेशकों के ₹34 लाख करोड़ डूब चुके हैं। बीते 18 फरवरी को BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,72,01,224.67 करोड़ रुपये था, जो कि आज 09 मार्च को घटकर 4,37,35,792.10 करोड़ रुपये पर आ गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों के 34.65 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं।

वैसे तो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग 28 फरवरी से शुरू हुई, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया गया। हालांकि वॉर का अंदाजा बाजार को पहले से ही था। जंग की आशंका के बीच शेयर बाजार लंबे समय से दबाव में था। युद्ध शुरू होते ही बिकवाली और बढ़ गई।

ऑटो, मेटल समेत कई सेक्टर्स में भारी बिकवाली

मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक बहुत तेज उछाल आ गया है। तेल की ग्लोबल बेंचमार्क कीमत ब्रेंट क्रूड लगभग $120 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जो एक ही दिन में लगभग 28% की बड़ी छलांग है।

तेल की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी का असर पेंट, तेल कंपनियों और टायर स्टॉक्स जैसे ऑयल सेंसेटिव शेयरों तक ही सीमित नहीं है। सोमवार को ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। Nifty Metal में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और दिन के दौरान यह करीब 4 प्रतिशत तक नीचे चला गया। ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी दबाव देखा गया। Nifty Auto में शामिल सभी 15 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे और यह इंडेक्स पिछले दो सत्रों में लगभग 5.5 प्रतिशत तक गिर चुका है।

Steel Authority of India के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा Jindal Stainless और Tata Steel के शेयर भी करीब 4.39 प्रतिशत और 3.94 प्रतिशत तक फिसल गए।

बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल पाती हैं, तो उनके मुनाफे के मार्जिन पर असर पड़ सकता है और इससे शेयरों की वैल्यूएशन भी दबाव में आ सकती है। एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इससे वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में इंडस्ट्रियल मेटल्स की मांग भी कमजोर पड़ सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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