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  1. कच्चे तेल की आग में लाल हुआ बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में दिखी बंपर बिकवाली

मार्केट न्यूज़

कच्चे तेल की आग में लाल हुआ बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में दिखी बंपर बिकवाली

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 12, 2026, 09:52 IST

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सारांश

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज बहुत ही निराशाजनक रही है। सेंसेक्स करीब 494 पॉइंट टूटकर खुला है, जबकि निफ्टी 23,600 के नीचे फिसल गया है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के 100 डॉलर के करीब पहुंचने से निवेशकों में डर का माहौल है। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी जा रही है।

आज की गिरावट के साथ Century Enka का मार्केट कैप घटकर 1,173.27 करोड़ रुपये हो गया।

कच्चे तेल और ग्लोबल मार्केट का दबाव

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बहुत ही बुरा साबित हो रहा है। बाजार खुलते ही चारों तरफ लाली छा गई और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े गैप डाउन के साथ खुले हैं। सेंसेक्स 494 पॉइंट की गिरावट के साथ 76,369 के लेवल पर खुला, जबकि निफ्टी 50 में 250 पॉइंट से ज्यादा की कमजोरी देखी गई और यह 23,613 के आसपास कारोबार कर रहा है। सबसे बुरा हाल बैंकिंग सेक्टर का है, जहां निफ्टी बैंक करीब 727 पॉइंट टूटकर 55,008 के लेवल पर खुला। बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आया भारी उछाल और खाड़ी देशों में चल रही जंग को माना जा रहा है।

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सेक्टोरल इंडेक्स में मची भारी बिकवाली

आज बाजार के लगभग सभी सेक्टर दबाव में नजर आ रहे हैं। अगर हम सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा 2.12 पर्सेंट की गिरावट देखी जा रही है। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक भी 2.03 पर्सेंट नीचे लुढ़क गया है। मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 1.50 पर्सेंट से लेकर 1.90 पर्सेंट तक की कमजोरी दर्ज की गई है। आईटी और फार्मा सेक्टर में हालांकि गिरावट थोड़ी कम है, लेकिन वे भी लाल निशान में ही ट्रेड कर रहे हैं। बाजार का पूरा माहौल फिलहाल बिकवाली के पक्ष में दिख रहा है और खरीदार अभी बाजार से दूरी बनाए हुए हैं।

कच्चे तेल और ग्लोबल मार्केट का दबाव

ग्लोबल मार्केट से मिलने वाले संकेत आज बहुत ही डरावने हैं। कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड 99.5 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 94.36 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमलों ने सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा है, जहां जापान का निक्केई 2 पर्सेंट और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.22 पर्सेंट तक टूट गए हैं।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

बाजार में कमजोरी की एक और बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में एफआईआई ने 6,267 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,965 करोड़ रुपये की खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल दबाव के आगे यह कोशिश कम पड़ गई। जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,700 का लेवल अब एक बड़ी बाधा बन गया है और अगर गिरावट जारी रही तो यह 23,500 के सपोर्ट लेवल तक भी जा सकता है। निवेशकों को फिलहाल संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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