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Shadowfax Technologies IPO: मजबूत नेटवर्क, लेकिन बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता, निवेश से पहले समझें जोखिम

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड January 20, 2026, 14:52 IST

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सारांश

Shadowfax Technologies भारत की एक बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड डिलीवरी और ऑन-डिमांड सर्विस देने वाली कंपनियों के साथ काम करती है। इसके बड़े क्लाइंट्स में Meesho, Flipkart, Myntra, Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Bigbasket, Uber और ONDC जैसे नाम शामिल हैं।

Shadowfax Technologies ipo

Shadowfax Technologies भारत की एक बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी है।

Shadowfax Technologies IPO: शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का आईपीओ आज 20 जनवरी से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। इस आईपीओ का इश्यू साइज 1907 करोड़ रुपये है, जिसमें 1000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 907 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इसके लिए प्राइस बैंड 118-124 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
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Shadowfax Technologies भारत की एक बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड डिलीवरी और ऑन-डिमांड सर्विस देने वाली कंपनियों के साथ काम करती है। इसके बड़े क्लाइंट्स में Meesho, Flipkart, Myntra, Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Bigbasket, Uber और ONDC जैसे नाम शामिल हैं।

क्या है Shadowfax Tech की ताकत

ई-कॉमर्स और हाइपरलोकल डिलीवरी

Shadowfax Tech ई-कॉमर्स और हाइपरलोकल डिलीवरी दोनों सर्विस एक साथ देती है। यह भारत की इकलौती थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) कंपनी है जो बड़े स्तर पर एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स डिलीवरी के साथ-साथ हाइपरलोकल और क्विक कॉमर्स डिलीवरी भी करती है। इससे क्लाइंट्स को अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग लॉजिस्टिक्स पार्टनर रखने की जरूरत नहीं पड़ती और कंपनी का क्लाइंट के साथ रिश्ता मजबूत होता है, साथ ही एक ही क्लाइंट से ज्यादा बिजनेस मिलने की संभावना बढ़ती है।

मजबूत क्लाइंट रिलेशनशिप

Shadowfax Tech के अपने बड़े क्लाइंट्स के साथ रिश्ते काफी मजबूत हैं। इसके टॉप क्लाइंट्स एक्सप्रेस डिलीवरी, हाइपरलोकल, रिवर्स लॉजिस्टिक्स और सेम-डे डिलीवरी जैसी कई सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह की गहरी साझेदारी से क्लाइंट के छोड़कर जाने का जोखिम कम होता है और लंबे समय तक रेवन्यू दिखने लगता है। कंपनी ने अपने कुछ बड़े ग्राहकों के साथ मिलकर डिलीवरी सॉल्यूशंस भी डिजाइन किए हैं, जैसे हैंड-इन-हैंड एक्सचेंज और तेज डिलीवरी, जो ऑपरेशनल भरोसे को दिखाता है।

सबसे बड़ा गिग-बेस्ड लास्ट-माइल डिलीवरी नेटवर्क

Shadowfax Tech के पास भारत का सबसे बड़ा गिग-बेस्ड लास्ट-माइल डिलीवरी नेटवर्क है। H1 FY26 में इसके पास औसतन करीब 2.05 लाख एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स थे और यह 2300 से ज्यादा शहरों में काम करती है। एक ही गिग फ्लीट का इस्तेमाल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और हाइपरलोकल डिलीवरी में होने से ऑपरेशन ज्यादा एफिशिएंट रहता है और डिलीवरी की लागत भी कम होती है।

Shadowfax Tech के साथ क्या हैं रिस्क फैक्टर्स

कुछ बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता

Shadowfax Tech की कमाई कुछ ही बड़े क्लाइंट्स पर बहुत ज्यादा निर्भर है। FY23 से FY25 के दौरान सबसे बड़े क्लाइंट से ही करीब 49% से 59% तक रेवन्यू आया, जबकि टॉप 5 क्लाइंट्स मिलकर 75% से 85% तक की कमाई करते हैं। अगर किसी बड़े क्लाइंट, जैसे Meesho या Flipkart, का वॉल्यूम घटता है, प्राइसिंग पर दबाव आता है या वह कंपनी छोड़ देता है, तो रेवन्यू और मुनाफे पर बड़ा असर पड़ सकता है।

FY25 में मुनाफे में आई कंपनी

भले ही कंपनी FY25 और हाल की कुछ तिमाहियों में मुनाफे में आई है, लेकिन इसका लॉस का इतिहास रहा है। FY23 में कंपनी को ₹142.6 करोड़ और FY24 में ₹11.9 करोड़ का नुकसान हुआ था। FY25 में भी मुनाफे का मार्जिन करीब 0.3% ही है। नेटवर्क विस्तार, टेक्नोलॉजी और डिलीवरी पार्टनर्स पर लगातार खर्च करना पड़ता है, ऐसे में अगर खर्च तेजी से बढ़े तो मुनाफा टिके रहना मुश्किल हो सकता है।

लीज वाले प्रॉपर्टीज पर टिका है बिजनेस

कंपनी का पूरा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क लीज पर ली गई प्रॉपर्टीज पर चलता है। इसके पास 4,299 टचपॉइंट्स और करीब 35 लाख वर्ग फुट से ज्यादा का लीज्ड एरिया है। चूंकि कोई भी सुविधा कंपनी की अपनी नहीं है, इसलिए लीज रिन्यू न होना, किराया बढ़ना, राजनीतिक अस्थिरता या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कोई भी दिक्कत कंपनी की सर्विस और ऑपरेशन पर असर डाल सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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