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  1. मार्केट क्रैश की चपेट में आए रिन्यूएबल एनर्जी शेयर, सुजलॉन और अडानी ग्रीन में भारी बिकवाली

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मार्केट क्रैश की चपेट में आए रिन्यूएबल एनर्जी शेयर, सुजलॉन और अडानी ग्रीन में भारी बिकवाली

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 02, 2026, 14:13 IST

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सारांश

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। इस गिरावट का असर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर भी दिखा। सुजलॉन एनर्जी, वारी एनर्जीज और अडानी ग्रीन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं।

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शेयर बाजार में गिरावट के चलते क्लीन एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

2 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में मचे कोहराम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर भी अछूता नहीं रहा। मिडिल ईस्ट में गहराते युद्ध के संकट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और उसके बाद ईरान द्वारा इजरायल और अरब देशों पर किए गए मिसाइल हमलों ने मार्केट में डर पैदा कर दिया है। इसी का नतीजा है कि वारी एनर्जीज, अडानी ग्रीन और सुजलॉन एनर्जी जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

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सुजलॉन एनर्जी 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चोट सुजलॉन एनर्जी के शेयर को लगी है। यह स्टॉक 4.43 पर्सेंट की गिरावट के साथ 40.78 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इंट्राडे के दौरान इसमें 8.29 पर्सेंट तक की बड़ी गिरावट आई और यह 39.13 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका 52-हफ्ते का सबसे निचला स्तर (Low) है। हाल ही में कंपनी ने अपने बिजनेस को केवल विंड एनर्जी से बदलकर फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी ग्रुप बनाने के लिए नए सीईओ की नियुक्ति और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के गठन का ऐलान किया था, लेकिन मार्केट के खराब मूड ने शेयर को नीचे धकेल दिया।

अडानी ग्रीन और वारी एनर्जीज का हाल

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर भी करीब 2.91 पर्सेंट टूटकर 2,630 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने हाल ही में गुजरात के खावड़ा में 185 मेगावाट का विंड पावर प्रोजेक्ट शुरू करने की जानकारी दी थी, जिससे इसकी कुल ऑपरेशनल क्षमता बढ़कर 17,472 मेगावाट हो गई है। वहीं, वारी एनर्जीज के शेयर में भी 2.9 पर्सेंट की कमजोरी देखी गई। वारी का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई 3,865 रुपये से काफी नीचे 2,630 रुपये के स्तर पर आ गया है।

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी में भी सुस्ती

सरकारी कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में भी 2.21 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में अपने 200 मेगावाट के दयापार विंड एनर्जी प्रोजेक्ट के दूसरे फेज का पहला हिस्सा चालू किया है। इस नई क्षमता के जुड़ने के बाद एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी ग्रुप की कुल इंस्टॉल कैपेसिटी अब 9,201 मेगावाट के पार पहुंच गई है। प्रोजेक्ट्स के मोर्चे पर मजबूती के बावजूद, ग्लोबल टेंशन के कारण शेयर की कीमतों में सुधार नहीं दिख रहा है।

सिर्फ रिन्यूएबल एनर्जी ही नहीं, बल्कि बाजार के करीब 573 स्टॉक्स आज अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। इनमें आरवीएनएल (RVNL), आईआरसीटीसी (IRCTC) और बजाज हाउसिंग फाइनेंस जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक रिन्यूएबल एनर्जी जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को फिलहाल बाजार की अस्थिरता को देखते हुए संभलकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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