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  1. 24 फरवरी से खुल रहा PNGS Reva Diamond का IPO, यहां समझिए रिस्क फैक्टर से बिजनेस तक... पूरी डीटेल

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24 फरवरी से खुल रहा PNGS Reva Diamond का IPO, यहां समझिए रिस्क फैक्टर से बिजनेस तक... पूरी डीटेल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 09:27 IST

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सारांश

पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी का आईपीओ 24 फरवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए 380 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान कर रही है। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा, जिसका इस्तेमाल कंपनी नए स्टोर्स खोलने और ब्रांडिंग के लिए करेगी।

PNGS Reva Diamond Jewellery

पी. एन. गाडगिल एंड सन्स की प्रमोटेड कंपनी रेवा डायमंड ज्वेलरी अपना आईपीओ ला रही है।

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। मशहूर ज्वेलरी ग्रुप पी. एन. गाडगिल एंड सन्स से जुड़ी कंपनी पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी अपना आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ 24 फरवरी को निवेश के लिए खुलेगा और 26 फरवरी को बंद होगा। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए 380 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। खास बात यह है कि यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई भी पुराने शेयर होल्डर्स अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं और पूरा पैसा कंपनी के बिजनेस विस्तार में इस्तेमाल होगा।

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कंपनी का बिजनेस और विरासत कैसा है?

पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी मुख्य रूप से 'रेवा' ब्रांड के नाम से डायमंड और कीमती पत्थरों से बनी ज्वेलरी बेचती है। यह कंपनी करीब 190 साल पुरानी विरासत वाली पी. एन. गाडगिल एंड सन्स लिमिटेड द्वारा प्रमोटेड है। कंपनी की शुरुआत महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में अपनी मजबूत पकड़ के साथ हुई है। रेवा ब्रांड की खासियत यह है कि यह मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां गहनों की शुरुआती कीमत करीब 20,000 रुपये से होती है। फिलहाल कंपनी के ज्यादातर स्टोर 'शॉप-इन-शॉप' मॉडल पर काम कर रहे हैं, जो मुख्य पी. एन. गाडगिल स्टोर्स के अंदर ही स्थित हैं।

आईपीओ से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल?

कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाले 380 करोड़ रुपये का इस्तेमाल बहुत ही सोचे-समझे तरीके से करने वाली है। इसमें से करीब 286.56 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा 15 नए ब्रांड-एक्सक्लूसिव स्टोर्स खोलने पर खर्च किया जाएगा। ये नए स्टोर्स टियर-1 और टियर-2 शहरों में खोले जाएंगे ताकि कंपनी की पहुंच और बढ़ सके। इसके अलावा, कंपनी ने ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए 35.40 करोड़ रुपये अलग रखे हैं। कंपनी का लक्ष्य अपने 'रेवा' ब्रांड को एक स्वतंत्र और बड़े ब्रांड के तौर पर स्थापित करना है, ताकि वह फ्यूचर में बाजार में अपनी अलग पहचान बना सके।

कंपनी का फाइनेंशियल हाल क्या स्टोरी बता रहा?

अगर कंपनी के कामकाज की बात करें, तो वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 258.2 करोड़ रुपये रहा था, जबकि उसका नेट प्रॉफिट 59.5 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। डायमंड ज्वेलरी के बिजनेस में मार्जिन काफी ज्यादा होता है, जिसका फायदा कंपनी को मिल रहा है। हालांकि, वित्त वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी के नेट प्रॉफिट में थोड़ी कमी देखी गई है, जिसका कारण नए स्टोर्स के विस्तार और मार्केटिंग पर किया गया खर्च हो सकता है। कंपनी का नेट वर्थ भी पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

निवेशकों के लिए इस आईपीओ में अलग-अलग हिस्से तय किए गए हैं। कुल इश्यू का 75 परसेंट हिस्सा संस्थागत निवेशकों के लिए, 15 परसेंट रिटेल निवेशकों के लिए और 10 परसेंट गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए सुरक्षित रखा गया है। आईपीओ बंद होने के बाद, शेयरों का अलॉटमेंट 27 फरवरी 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनका पैसा 2 मार्च तक रिफंड कर दिया जाएगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 4 मार्च 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर होने की संभावना है।

रिस्क फैक्टर क्या हैं?

किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले उसके रिस्क को समझना भी जरूरी है। पीएनजीएस रेवा का ज्यादातर बिजनेस फिलहाल महाराष्ट्र पर ही निर्भर है, जो एक बड़ा रिस्क हो सकता है। इसके अलावा, लैब में तैयार किए गए यानी सिंथेटिक हीरों की बढ़ती लोकप्रियता भी नेचुरल डायमंड मार्केट के लिए चुनौती बन सकती है। कंपनी अपने प्रमोटर ब्रांड के नाम पर काफी हद तक निर्भर है, इसलिए प्रमोटर ग्रुप की किसी भी गतिविधि का असर इस कंपनी पर भी पड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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