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ONGC से Hindustan Oil Exploration Company तक, आज तेल निकालने वाली कंपनियों के शेयर क्यों लुढ़के?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 10:45 IST

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सारांश

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग जल्दी खत्म हो सकती है। जब बाजार को लगा कि युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है, तो यह डर कम हो गया कि दुनिया में तेल की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहेगी। इसलिए तेल की कीमतें गिर गईं। बता दें कि सऊदी अरब और अन्य तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई कम कर दी थी।

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ONGC Share

ONGC Share: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पिछले कुछ दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

आज 10 मार्च को तेल खोजने और निकालने वाली कंपनियों के शेयरों में कमजोरी नजर आ रही है। ONGC का शेयरों में करीब 1.75 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह BSE पर 265.35 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आ गया। इसके अलावा Oil India का शेयर भी 2.70 फीसदी तक टूट गया। इसके अलावा Hindustan Oil Exploration Company का शेयर लगभग 6.7% गिर गया। वहीं Jindal Drilling and Industries में भी करीब 3.3% की गिरावट देखी गई। दरअसल, आज कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट नजर आ रही है, जिसके चलते ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी नजर आ रही है।

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क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पिछले कुछ दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक दिन पहले ब्रेंड क्रूड करीब 28 फीसदी की बढ़त के साथ 120 डॉलर के करीब पहुंच गया। हालांकि आज इसमें गिरावट नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह 4.29 फीसदी की गिरावट के साथ 94.72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था। अमेरिकी तेल West Texas Intermediate Crude Oil (WTI) की कीमत 6.12 डॉलर यानी लगभग 6.5% गिरकर 88.65 डॉलर प्रति बैरल रह गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग जल्दी खत्म हो सकती है। जब बाजार को लगा कि युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है, तो यह डर कम हो गया कि दुनिया में तेल की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहेगी। इसलिए तेल की कीमतें गिर गईं। बता दें कि सऊदी अरब और अन्य तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई कम कर दी थी, और साथ ही अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध की वजह से बाजार में डर था कि तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावट आ सकती है।

पुतिन-ट्रंप की बातचीत

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ट्रंप से फोन पर बात की। इस बातचीत में रूस ने ईरान युद्ध को जल्दी खत्म करने के कुछ प्रस्ताव साझा किए। जब बाजार को लगा कि युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है, तो सप्लाई बाधित होने का डर कम हो गया और तेल की कीमतें गिरने लगीं।

Donald Trump ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध लगभग खत्म होने की स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका उनकी शुरुआती उम्मीद से कहीं ज्यादा आगे बढ़ चुका है। पहले उन्होंने सोचा था कि युद्ध खत्म होने में 4 से 5 हफ्ते लग सकते हैं।

ईरान ने युद्ध खत्म होने पर क्या कहा?

ईरान की सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, यह वही तय करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो वे इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर जाने नहीं देंगे। यानी वे तेल की सप्लाई पूरी तरह रोकने की धमकी दे रहे हैं।

ईरान की इस चेतावनी के बावजूद तेल की कीमतें ऊपर नहीं गईं। इसकी वजह यह है कि ट्रंप कुछ कदमों पर विचार कर रहे हैं ताकि तेल की कीमतें ज्यादा न बढ़ें। इनमें रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों को थोड़ा ढीला करना और अमेरिका के इमरजेंसी तेल भंडार से तेल बाजार में छोड़ना शामिल है। अगर ऐसा होता है तो बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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