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Sensex-Nifty नए शिखर पर, लेकिन Trent और NTPC जैसे हैवीवेट शेयर नीचे क्यों अटक गए?

Upstox

5 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 15:00 IST

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सारांश

Stock Market: दिलचस्प बात यह है कि बाजार के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बावजूद कई बड़े निफ्टी स्टॉक्स अभी भी अप्रैल वाली गिरावट से उबर नहीं पाए हैं। यानी इंडेक्स ऊपर चला गया, लेकिन कुछ बड़े शेयर अब भी नीचे दबे हुए हैं। यहां हम ऐसे ही शेयरों के बारे में बता रहे हैं, जो अब भी काफी नीचे हैं।

शेयर सूची

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NTPC के शेयरों ने भी कमजोर नतीजों की वजह से अप्रैल के बाद से कमोजोरी दिखाई है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों अपने नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। 14 महीने बाद आज 27 नवंबर को Sensex ने 86055.86 के नए ऑल टाइम हाई को छू लिया। वहीं Nifty 50 भी 26,310.45 की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। इससे पहले अप्रैल 2025 में बाजार अपने पिछले रिकॉर्ड हाई से करीब 17% तक गिर गया था, लेकिन उसके बाद लगभग 20% की रिकवरी हुई और आज फिर नया हाई बन गया।
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निफ्टी को अपने पुराने सितंबर 2024 वाले हाई को पार करने में करीब 289 ट्रेडिंग सेशन लगे। यह पिछले 10 साल में यह दूसरा सबसे लंबा रिकवरी पीरियड है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बावजूद कई बड़े निफ्टी स्टॉक्स अभी भी अप्रैल वाली गिरावट से उबर नहीं पाए हैं। यानी इंडेक्स ऊपर चला गया, लेकिन कुछ बड़े शेयर अब भी नीचे दबे हुए हैं। यहां हम ऐसे ही शेयरों के बारे में बता रहे हैं, जो अब भी काफी नीचे हैं।

Trent

सबसे ज्यादा गिरावट Trent के शेयरों में दिख रही है। अप्रैल 2025 के निचले स्तर से भी यह शेयर 5 फीसदी नीचे है। यह साल 2025 में अब तक करीब 40 फीसदी टूट चुका है। आज इसके शेयरों में 1.07 फीसदी की गिरावट है और यह 4246.50 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसका 52-वीक लो 4236.60 रुपये है, जबकि 52-वीक हाई 7490 रुपये है।

सितंबर तिमाही में Trent की कुल आय 16% बढ़कर ₹5,107 करोड़ हुई। इसका EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) 14% बढ़कर ₹575 करोड़ रहा। और टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 11% बढ़कर ₹373 करोड़ हो गया। हालांकि, मुनाफे की बढ़त आय की गति से धीमी रही, और यही बात निवेशकों को कमजोर परफॉरमेंस के रूप में दिखी।

NTPC

NTPC के शेयरों ने भी कमजोर नतीजों की वजह से अप्रैल के बाद से कमोजोरी दिखाई है। NTPC आज भी अपने अप्रैल 2025 के निचले स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके शेयरों में आज 0.31 फीसदी की मामूली बढ़त है और यह 327.25 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसका 52-वीक हाई 375 रुपये और 52-वीक लो 292.70 रुपये है।

NTPC ने का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में साल-दर-साल 4% कम होकर 5,067 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 5,275 करोड़ रुपये था। Q2FY26 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही के 44,706 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.1% बढ़कर 44,786 करोड़ रुपये हो गया।

Power Grid

Power Grid का शेयर आज 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 274.15 रुपये पर है। यह शेयर 28 फरवरी 2025 को 247.50 रुपये के 52-वीक लो पर था, जबकि इसका 52-वीक हाई 341.50 रुपये है। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 12 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

पावर ग्रिड कॉर्प का सितंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में नेट प्रॉफिट 5.98 परसेंट घटकर ₹3566.08 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3793.02 करोड़ था। सितंबर 2025 तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू 1.76 परसेंट बढ़कर ₹11,475.95 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले इसी समय में ₹11,277.76 करोड़ था।

TCS

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर आज 0.90 फीसदी गिरकर 3133.70 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसकी एक वजह अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा पर कड़े नियम लागू करना है। TCS को सबसे ज्यादा H-1B वीजा मिलते हैं। इसका 52-वीक हाई 4,494 रुपये और 52-वीक लो 2,867.55 रुपये है।

जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 1.4 फीसदी बढ़ गया। कंपनी ने इस दौरान 12,075 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में लगभग 2.4% सालाना वृद्धि के साथ 65,799 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में 64,259 करोड़ रुपये था।

Coal India

Coal India भी निफ्टी के पुराने लो की तुलना में थोड़ा नीचे हैं। आज इसके शेयरों में 377.25 रुपये के भाव पर फ्लैट ट्रेडिंग हो रही है। इसका 52-वीक हाई 425.95 रुपये और 52-वीक लो 349.20 रुपये है। इस साल अब तक स्टॉक में 2.42 फीसदी की गिरावट आई है।

इसका नेट प्रॉफिट Q2FY26 में ₹4262.64 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही के ₹6274.8 करोड़ से 32 परसेंट कम है। इस तिमाही में CIL का ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹30,186.7 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 3.2 परसेंट और पिछले साल के मुकाबले 15.8 परसेंट कम है।

कुल मिलाकर, इंडेक्स में तेजी आई है और बाजार में खरीदारी बढ़ी है, लेकिन कुछ भारी-भरकम स्टॉक्स अभी भी कमजोरी दिखा रहे हैं, जिससे पूरे इंडेक्स की रिकवरी उतनी मजबूत नजर नहीं आ रही।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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