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Anthropic के नए AI मॉडल ने IT शेयरों पर फिर बनाया दबाव, Coforge से Infosys तक तेज बिकवाली

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 10, 2026, 12:12 IST

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सारांश

सबसे ज्यादा बिकवाली Coforge, Infosys, TCS, LTIMindtree और Mphasis के शेयरों में है और ये सभी 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं। इसके अलावा HCL Tech, Persistent Systems और Tech Mahindra में भी 2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी नजर आई।

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Nifty IT

Anthropic के नए मॉडल Mythos को Claude Opus जैसे पुराने मॉडल से काफी बेहतर बताया जा रहा है।

IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 10 अप्रैल को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। आज के कारोबार में Nifty IT इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है और यह 30713.85 के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर से आई खबर है। दरअसल, Anthropic ने अपने नए मॉडल Mythos का प्रीव्यू पेश किया है। इस खबर ने निवेशकों को एक बार फिर डरा दिया है।

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इन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज के कारोबार रिपोर्ट लिखे जाने के समय Nifty IT के सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली Coforge, Infosys, TCS, LTIMindtree और Mphasis के शेयरों में है और ये सभी 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं। इसके अलावा HCL Tech, Persistent Systems और Tech Mahindra में भी 2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी नजर आई।

Anthropic के नए मॉडल में क्या है खास

Anthropic के नए मॉडल Mythos को Claude Opus जैसे पुराने मॉडल से काफी बेहतर बताया जा रहा है, खासकर कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी में। यह मॉडल सिक्योरिटी कमजोरियों को पहचानने और ठीक करने में इंसानों और मौजूदा टूल्स से भी बेहतर बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, यह यूजर के निर्देश पर ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउजर में कमजोरियां ढूंढकर उनका फायदा भी उठा सकता है, जिससे इसके फायदे के साथ जोखिम भी बढ़ जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मॉडल को अभी पूरी तरह लॉन्च नहीं किया गया है, बल्कि “Project Glasswing” के तहत सीमित कंपनियों को ही दिया गया है। इसमें Amazon Web Services, Apple, Broadcom, Google, JPMorgan Chase, Microsoft और NVIDIA जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

TCS के Q3 नतीजे

TCS की सालाना डॉलर रेवेन्यू में 0.5% की गिरावट आई, जो लिस्टिंग के बाद पहली बार हुआ है। हालांकि Q4 में 1.5% की ग्रोथ दिखी और पूरे साल में मुनाफा 3.5% बढ़ा, लेकिन निवेशकों को यह संकेत मिला कि ग्रोथ धीमी हो रही है। खासकर भारत के बिजनेस में 32% की गिरावट ने चिंता और बढ़ा दी। हालांकि Q4FY26 में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। जनवरी-मार्च तिमाही में प्रॉफिट 12.2% बढ़कर ₹13,718 करोड़ हो गया और रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹70,698 करोड़ पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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