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  1. HUDCO, IREDA समेत कई शेयर 5% तक उछले, RBI ने इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को आसान बनाने के लिए उठाया कदम

मार्केट न्यूज़

HUDCO, IREDA समेत कई शेयर 5% तक उछले, RBI ने इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को आसान बनाने के लिए उठाया कदम

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड October 01, 2025, 12:49 IST

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सारांश

HUDCO के शेयरों में आज 3 फीसदी की तेजी है और यह 230.40 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, REC में भी 3 फीसदी से अधिक की बढ़त है। IREDA का शेयर करीब 3 फीसदी बढ़कर 155.30 रुपये के भाव पर पहुंच गए हैं।

RBI

RBI ने इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को आसान बनाने के लिए रेगुलेटरी बदलावों की घोषणा की है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.5 फीसदी पर एक बार फिर बरकरार रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा की घोषणाओं के बाद कई NBFC कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। आज के कारोबार में HUDCO, IREDA, PFC और REC जैसे शेयर करीब 5 फीसदी तक उछल गए हैं। दरअसल, RBI ने इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग को आसान बनाने के लिए रेगुलेटरी बदलावों की घोषणा की है। इस खबर के बाद NBFC शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है।

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HUDCO समेत ये शेयर उछले

HUDCO के शेयरों में आज 3 फीसदी की तेजी है और यह 230.40 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, REC में भी 3 फीसदी से अधिक की बढ़त है। IREDA का शेयर करीब 3 फीसदी बढ़कर 155.30 रुपये के भाव पर पहुंच गए हैं। NSE बैंक निफ्टी में 0.5 फीसदी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.6 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

RBI ने की ये घोषणाएं

RBI ने इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को आसान बनाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। अक्टूबर की मौद्रिक नीति पेश करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अब NBFC द्वारा अच्छे और पहले से चालू इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को दिए जाने वाले कर्ज पर रिस्क वेट कम किया जाएगा। इसका मतलब है कि NBFCs को कर्ज देने पर पहले जितनी पूंजी सुरक्षित रखनी पड़ती थी, अब उससे कम रखनी होगी। इससे लोन की लागत घटेगी और कंपनियों को सस्ता कर्ज मिलेगा।

यह कदम RBI के 22 नए नियामकीय सुधारों का हिस्सा है। इन सुधारों का उद्देश्य बैंकों और NBFCs को और मजबूत व प्रतिस्पर्धी बनाना, कर्ज का प्रवाह बेहतर करना, नियमों को सरल बनाना और ग्राहकों की सुरक्षा को बढ़ाना है।

गवर्नर ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि फिलहाल निवेश और सरकार के सुधारों, जैसे GST में बदलाव, की वजह से मजबूत बनी हुई है। हालांकि, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और टैरिफ से जुड़े फैसले भारत के निर्यात पर असर डाल सकते हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए RBI ने यह कदम उठाया है। उम्मीद है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए सस्ता कर्ज उपलब्ध होने से घरेलू मांग और निवेश में तेजी आएगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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