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  1. Jal Jeevan Mission को आगे बढ़ने की मंजूरी, पंप से लेकर EPC कंपनियों की चांदी, कई शेयर उछले

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Jal Jeevan Mission को आगे बढ़ने की मंजूरी, पंप से लेकर EPC कंपनियों की चांदी, कई शेयर उछले

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 11, 2026, 11:01 IST

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सारांश

Jal Jeevan Mission: कैबिनेट ने योजना के कुल बजट को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार की मदद 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी। पहले 2019-20 में इस मिशन के लिए केंद्र की हिस्सेदारी 2.08 लाख करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन अब इसमें 1.51 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े गए हैं।

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Jal Jeevan Mission

Jal Jeevan Mission: सरकार का कहना है कि यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में भी योगदान देगी।

Jal Jeevan Mission: भारत सरकार ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल ₹8.69 लाख करोड़ का खर्च करने की योजना है। अब तक इस मिशन का मुख्य फोकस गांवों में पानी की पाइपलाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर था, लेकिन अब इसे बदलकर सर्विस डिलीवरी मॉडल बनाया जाएगा। इस खबर के बाद इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) शेयरों के अलावा पाइप और पंप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी नजर आ रही है।
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इन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

पंप स्टॉक्स की बात करें तो Shakti Pumps का शेयर आज 16 फीसदी उछलकर 569.40 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पहुंच गया है। इसके अलावा Kirloskar Brothers में करीब 4 फीसदी और KSB में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है।

पाइप स्टॉक्स में Astral का शेयर 1.68 फीसदी उछल गया है। Finolex Industries में करीब 3 फीसदी और Supreme Industries में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त नजर आ रही है।

EPC सेक्टर में Larsen & Toubro का शेयर मामूली बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं VA Tech Wabag में 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। Welspun Enterprises का शेयर 3 फीसदी और HG Infra Engineering का शेयर 12 फीसदी से ज्यादा उछल गया है।

क्या है सरकार की योजना

सरकार ने इस मिशन में पैसा बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट ने योजना के कुल बजट को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार की मदद 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी। पहले 2019-20 में इस मिशन के लिए केंद्र की हिस्सेदारी 2.08 लाख करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन अब इसमें 1.51 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़े गए हैं। यानी सरकार इस योजना को और बड़े स्तर पर लागू करना चाहती है।

2019 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब देश के ग्रामीण इलाकों में 3.23 करोड़ यानी करीब 17% घरों में ही नल से पानी की सुविधा थी। लेकिन इसके बाद इस योजना के तहत 12.56 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण घरों को नया नल कनेक्शन दिया गया। इस तरह अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पहचाने गए 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों में से लगभग 15.80 करोड़ घरों, यानी करीब 81.61% घरों तक नल का पानी पहुंच चुका है।

सरकार का कहना है कि यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में भी योगदान देगी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 24×7 पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए सिर्फ पाइपलाइन बनाने पर ध्यान नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली के रूप में विकसित किया जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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