return to news
  1. सिगरेट और तंबाकू पर एक्साइज ड्यूटी की तगड़ी मार, ITC-Godfrey Phillips के शेयरों में मची हलचल

मार्केट न्यूज़

सिगरेट और तंबाकू पर एक्साइज ड्यूटी की तगड़ी मार, ITC-Godfrey Phillips के शेयरों में मची हलचल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 02, 2026, 10:49 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

केंद्र सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर भारी एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले से आईटीसी के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई है। 1 फरवरी 2026 से लागू होने वाले इस नए टैक्स ढांचे के कारण सिगरेट की कीमतों में 15 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

शेयर सूची

ITC shares, January 2

सरकार के नए टैक्स नियमों के बाद शेयर बाजार में सिगरेट कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल रहा।

भारतीय शेयर बाजार में सिगरेट और तंबाकू बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर आज निवेशकों की कड़ी नजर रहने वाली है। केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इस नए टैक्स ढांचे के कारण आईटीसी लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स और वीएसटी इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों के कारोबार पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय एक्साइज एक्ट में संशोधन को अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत सिगरेट की लंबाई के आधार पर भारी टैक्स वसूला जाएगा। बता दें कि पिछले 5 दिनों में ITC के शेयरों में 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, 3% तो सिर्फ आज शेयर नीचे चला गया है। वहीं, Godfrey Phillips 5 दिनों में 19 फीसदी नीचे जा चुका है, आज भी लाल निशान में कारोबार कर रहा है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

समझिए नए टैक्स ढांचे की बारीकियां

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 फरवरी से सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये प्रति 1,000 स्टिक तक की एक्साइज ड्यूटी लगाई जाएगी। यह ड्यूटी 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त होगी। इसके साथ ही पान मसाला से जुड़े व्यवसायों पर उनकी उत्पादन क्षमता के आधार पर हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस भी लगाया जाएगा। हालांकि, पान मसाला पर कुल टैक्स का बोझ 88 प्रतिशत के वर्तमान लेवल पर ही बना रहेगा। नया टैक्स ढांचा मौजूदा 28 प्रतिशत जीएसटी और कंपंसेशन सेस की जगह लेगा। सरकार ने च्यूइंग टोबैको और गुटखा बनाने वाली मशीनों के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने और फुटेज को 24 महीने तक सुरक्षित रखने जैसे कड़े नियम भी बनाए हैं।

सिगरेट की कीमतों पर पड़ सकता है असर

नए नियमों के लागू होने के बाद सिगरेट पीना काफी महंगा हो जाएगा। बिना फिल्टर वाली छोटी सिगरेट पर प्रति स्टिक करीब 2.05 रुपये की अतिरिक्त ड्यूटी लगेगी। वहीं, 70 से 75 मिलीमीटर वाली लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर प्रति स्टिक 5.4 रुपये की बढ़ोतरी होगी। मध्यम लंबाई वाली सिगरेट पर भी 3.6 से 4 रुपये प्रति स्टिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि कंपनियां इस टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी, जिससे सिगरेट के दाम काफी बढ़ जाएंगे। हालांकि, लोकप्रिय ब्रांडों पर सबसे ज्यादा टैक्स वाला स्लैब लागू नहीं होगा, लेकिन फिर भी कीमतों में उछाल आना तय है।

इसमें टेंशन वाली क्या बात है?

तंबाकू उद्योग के संगठन टीआईआई (TII) ने इस भारी टैक्स बढ़ोतरी पर गहरा आश्चर्य और दुख व्यक्त किया है। संगठन का कहना है कि इससे अवैध और तस्करी वाली सिगरेट के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अंततः सरकार के रेवेन्यू को नुकसान होगा। जेपी मॉर्गन, यूबीएस और मैक्वेरी जैसी ब्रोकरेज फर्मों के विश्लेषकों ने भी चेतावनी दी है कि इस फैसले से सिगरेट की बिक्री और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा। जानकारों का अनुमान है कि कंपनियों को अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिए कीमतों में 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। इससे ग्राहक सस्ती सिगरेट या अवैध विकल्पों की ओर मुड़ सकते हैं, जो कंपनियों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।

टैक्स बढ़ाने के पीछे सरकार का क्या है तर्क

सरकार का मानना है कि सिगरेट पर टैक्स बढ़ाना सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में है। विश्व बैंक के अनुमानों के अनुसार, भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स इसकी रिटेल कीमत का लगभग 53 प्रतिशत है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुझाए गए 75 प्रतिशत के स्तर से काफी कम है। पिछले सात सालों से सिगरेट पर टैक्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया था। सरकार का उद्देश्य है कि कीमतों को बढ़ाकर तंबाकू की खपत को कम किया जाए। संसद ने पिछले महीने ही पान मसाला पर सेस और तंबाकू पर एक्साइज ड्यूटी लगाने वाले विधेयकों को मंजूरी दी थी। अब 1 फरवरी से नया टैक्स ढांचा पूरी तरह से लागू होने जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख