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IT Stocks: Accenture के मजबूत नतीजों से लौटा भरोसा, Infosys और TCS समेत कई शेयरों में खरीदारी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 20, 2026, 14:56 IST

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सारांश

आज Nifty IT इंडेक्स में रिपोर्ट लिखे जाने के समय 10 में से 8 शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे। सबसे ज्यादा खरीदारी OFSS और Tech Mahindra में रही और ये शेयर 3 फीसदी से अधिक उछल गए। इसके अलावा, HCL Tech, Persistent Systems और Mphasis का शेयर 2 फीसदी से अधिक उछल गया।

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IT Stocks: आज Infosys और TCS के शेयर भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे।

Nifty IT: आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 20 मार्च को रिकवरी देखी जा रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Nifty IT इंडेक्स में 1.5 फीसदी की तेजी थी और यह 29010.05 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि एक दिन पहले यानी 19 मार्च को इसमें 3.31 फीसदी की गिरावट आई थी। आज की तेजी के पीछे ग्लोबल आईटी कंपनी Accenture है, जिसने Q2 में मजबूत नतीजे जारी किए हैं। इसका असर आज पूरे आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।
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OFSS और Tech Mahindra समेत ये शेयर भागे

आज Nifty IT इंडेक्स में रिपोर्ट लिखे जाने के समय 10 में से 8 शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे। सबसे ज्यादा खरीदारी OFSS और Tech Mahindra में रही और ये शेयर 3 फीसदी से अधिक उछल गए। इसके अलावा, HCL Tech, Persistent Systems और Mphasis का शेयर 2 फीसदी से अधिक उछल गया। Infosys और TCS के शेयर भी हरे निशान पर थे। दूसरी तरफ LTIMindtree और Coforge के शेयरों में गिरावट देखी गई।

Accenture के नतीजों का असर

Accenture ने Q2 में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर करीब $18 बिलियन पहुंच गया, जो अनुमान से थोड़ा ज्यादा है। कंसल्टिंग बिजनेस 3% बढ़ा, जबकि आउटसोर्सिंग (managed services) 5% बढ़ी। नए ऑर्डर भी 6% बढ़कर $22.11 बिलियन हो गए। कंपनी ने अपने फुल-ईयर ग्रोथ गाइडेंस को भी बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों को भरोसा मिला कि आईटी सेक्टर की डिमांड धीरे-धीरे सुधर रही है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि Accenture के नतीजे भारतीय आईटी कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं, लेकिन चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। एक तरफ ग्लोबल इकोनॉमिक दबाव है, वहीं दूसरी तरफ जनरेटिव AI के कारण कंपनियों को अपने काम करने के तरीके बदलने पड़ रहे हैं।

CLSA की रिपोर्ट

हाल ही में ब्रोकरेज फर्म CLSA की एक रिपोर्ट आई थी, जिसके चलते आईटी शेयरों को लेकर लोगों का भरोसा लौटा था। दरअसल, ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भारतीय आईटी कंपनियों पर AI के खतरे को खारिज कर दिया है। CLSA का कहना है कि Anthropic और OpenAI जैसे नए AI टूल्स आने के बावजूद क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट के रिन्यूअल में प्राइसिंग पर कोई दबाव देखने को नहीं मिला है। CLSA ने बताया कि उसने TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसी बड़ी कंपनियों से बात की, जिसमें यह सामने आया कि AI की वजह से कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल में कीमतें घटने का कोई सबूत नहीं है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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