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मार्केट न्यूज़

Innovision IPO आज से खुला, निवेश से पहले पढ़ें कंपनी का बिजनेस प्लान और रिस्क फैक्टर्स

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड March 10, 2026, 10:54 IST

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सारांश

इनोविजन लिमिटेड का आईपीओ आज 10 मार्च से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 323 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के बिजनेस मॉडल, उसकी कमाई और इसमें शामिल जोखिमों को समझना बहुत जरूरी है।

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हरियाणा की यह कंपनी मैनपावर सर्विसेज और टोल मैनेजमेंट का काम करती है।

शेयर बाजार में आज एक और आईपीओ की धमाकेदार एंट्री हो रही है। इनोविजन लिमिटेड अपना पब्लिक इश्यू लेकर आई है जो आज यानी 10 मार्च से लेकर 12 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 521 रुपये से 548 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड फिक्स किया है। अगर आप इसमें निवेश करना चाहते हैं तो आपको कम से कम एक लॉट यानी 27 शेयरों के लिए अप्लाई करना होगा। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए आपको 14,796 रुपये लगाने होंगे। यह आईपीओ कुल 323 करोड़ रुपये का है, जिसमें 255 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं और बाकी 68 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के जरिए प्रमोटर्स बेच रहे हैं।

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क्या है कंपनी का बिजनेस मॉडल?

इनोविजन लिमिटेड साल 2007 से इस सेक्टर में काम कर रही है। कंपनी का बिजनेस काफी फैला हुआ है और यह मुख्य रूप से तीन बड़े क्षेत्रों में काम करती है। पहला है मैनपावर सर्विसेज, जिसमें यह बड़ी कंपनियों को सिक्योरिटी गार्ड्स, हाउसकीपिंग स्टाफ और पेरोल मैनेजमेंट की सुविधा देती है। दूसरा बड़ा हिस्सा टोल प्लाजा मैनेजमेंट का है। कंपनी देश के कई बड़े नेशनल हाईवे पर टोल वसूलने और वहां के ऑपरेशन को संभालने का काम करती है। इसके अलावा, कंपनी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग और इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट के सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। फिलहाल कंपनी का नेटवर्क देश के 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में फैला हुआ है, जहां इसके पास 14,000 से ज्यादा कर्मचारियों की एक बड़ी फौज है।

कमाई और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल अभी कैसा है?

कंपनी की फाइनेंशियल सेहत की बात करें तो पिछले कुछ सालों में इसने शानदार बढ़त दिखाई है। साल 2025 के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 893.1 करोड़ रुपये रहा, जो साल 2024 में 510.3 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में ही रेवेन्यू में करीब 75% का भारी उछाल देखने को मिला है। इसी तरह कंपनी का नेट प्रॉफिट भी तेजी से बढ़ा है। साल 2024 में कंपनी को 10.3 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था, जो साल 2025 में बढ़कर 29 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का EBITDA भी 19.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 51.75 करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रहा है और कंपनी अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ा रही है।

इन पैसों का क्या करेगी कंपनी?

आईपीओ से मिलने वाले 255 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल कंपनी बहुत ही प्लानिंग के साथ करने वाली है। कंपनी ने तय किया है कि वह करीब 51 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज यानी बोरोइंग्स चुकाने के लिए करेगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और ब्याज का बोझ कम होगा। इसके अलावा, करीब 119 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखा गया है। चूंकि मैनपावर बिजनेस में सैलरी और दूसरे रोजमर्रा के खर्चों के लिए भारी कैश की जरूरत होती है, इसलिए यह फंड कंपनी के स्मूथ ऑपरेशन के लिए जरूरी है। बाकी बचे हुए पैसों का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

निवेश से पहले इन रिस्क फैक्टर्स को समझ लें

हर निवेश की तरह इनोविजन के साथ भी कुछ जोखिम जुड़े हुए हैं जिन पर नजर रखना जरूरी है। कंपनी का एक बड़ा रेवेन्यू टोल प्लाजा मैनेजमेंट से आता है जो सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर टिका है। अगर भविष्य में एनएचएआई (NHAI) की पॉलिसी में कोई बदलाव आता है या टेंडर मिलने में दिक्कत होती है, तो इसका सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ेगा। दूसरा बड़ा रिस्क यह है कि यह बिजनेस पूरी तरह से मैनपावर पर निर्भर है। कुशल कर्मचारियों को ढूंढना और उन्हें अपने साथ जोड़े रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, इस सेक्टर में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है और प्रॉफिट मार्जिन अक्सर कम ही रहता है। साथ ही, अगर क्लाइंट्स की तरफ से पेमेंट मिलने में देरी होती है, तो कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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