return to news
  1. 10% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ Innovision का IPO, अब समझ लीजिए कंपनी का बिजनेस

मार्केट न्यूज़

10% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ Innovision का IPO, अब समझ लीजिए कंपनी का बिजनेस

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 23, 2026, 10:08 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Innovision के आईपीओ ने आज बाजार में सुस्त एंट्री की है। कंपनी का शेयर अपने 519 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 10 पर्सेंट डिस्काउंट के साथ 467.70 रुपये पर लिस्ट हुआ है। लिस्टिंग पर हुए इस नुकसान के बाद अब निवेशकों की नजर कंपनी के मैनपावर और टोल मैनेजमेंट जैसे बिजनेस मॉडल पर टिकी है।

Innovision listing

डिस्काउंट पर हुई आईपीओ की लिस्टिंग

शेयर बाजार में आज यानी सोमवार को Innovision लिमिटेड के शेयरों की लिस्टिंग ने निवेशकों को थोड़ा मायूस किया है। बाजार की उम्मीदों के विपरीत कंपनी के शेयरों ने डिस्काउंट के साथ अपनी पारी की शुरुआत की है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Innovision का शेयर 467.70 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ है, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड 519 रुपये से करीब 10 पर्सेंट नीचे है। शुरुआती कारोबार में ही शेयर में 51.30 रुपये यानी करीब 9.88 पर्सेंट की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कंपनी को रिटेल सब्सक्रिप्शन 0.60 गुना मिला था। इसके साथ टोटल सब्सक्रिप्शन 3.46 गुना था।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्या करती है Innovision कंपनी?

लिस्टिंग के बाद अब चर्चा इस बात की है कि यह कंपनी आखिर करती क्या है और इसका बिजनेस मॉडल कितना मजबूत है। दिल्ली स्थित यह कंपनी मुख्य रूप से बिजनेस सर्विसेज सेक्टर में सक्रिय है। Innovision का बिजनेस तीन मुख्य वर्टिकल में बंटा हुआ है। पहला है मैनपावर सॉल्यूशन, जिसमें कंपनी कंपनियों को सिक्योरिटी गार्ड्स, ऑफिस स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी मुहैया कराती है। दूसरा और सबसे बड़ा हिस्सा टोल प्लाजा मैनेजमेंट का है। कंपनी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा का ऑपरेशन और मैनेजमेंट संभालती है। इसके अलावा कंपनी स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग के क्षेत्र में भी काम करती है। कंपनी की मौजूदगी भारत के 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में है, जिससे इसका ऑपरेशन काफी फैला हुआ है।

कंपनी का फाइनेंशियल परफार्मेंस और रेवेन्यू

अगर हम कंपनी के पिछले कुछ सालों के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें, तो आंकड़ों में अच्छी बढ़त देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 896 करोड़ रुपये रहा, जो साल 2023 के 257 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी शानदार ग्रोथ दिखाता है। इसी तरह कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) भी बढ़ा है। साल 2023 में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 8.88 करोड़ रुपये था, जो साल 2025 तक बढ़कर 29 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 6.34 पर्सेंट के आसपास रहा है।

फंड का इस्तेमाल कहां होगा?

Innovision ने इस आईपीओ के जरिए करीब 323 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसमें से 255 करोड़ रुपये नए शेयर जारी करके जुटाए गए हैं। कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी पर करीब 51 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसे रीपेमेंट या प्री-पेमेंट के जरिए कम किया जाएगा। इसके अलावा करीब 119 करोड़ रुपये कंपनी की वर्किंग कैपिटल जरूरतों यानी रोजमर्रा के ऑपरेशन के लिए रखे गए हैं। बाकी बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख